
भोपाल. मध्यप्रदेश के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अब ज्यादा इंटेलीजेंट होंगे। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए नई शिक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है। जिसके बाद पहली से पांचवी क्लास तक के छात्रों को नई व्यवस्था के तहत पढ़ाई कराई जाएगी। राज्य शिक्षा केन्द्र ने स्कूलों में लागू होने वाली नई शिक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रदेश के सभी 90 हजार सरकारी प्राइमरी स्कूलों में इसे लागू किया जाएगा।
ज्यादा इंटेलीजेंट होंगे बच्चे
राज्य शिक्षा केन्द्र से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में नई शिक्षा व्यवस्था लागू होने से पहली से पांचवी तक के बच्चे ज्यादा इंटेलीजेंट होंगे और उनकी स्मरण शक्ति भी बढ़ेगी। बता दें कि राज्य शिक्षा केन्द्र ने निपुण भारत अभियान के तहत मिशन अंकुर मुहिम शुरु की है और इसी के तहत प्राइमरी स्कूलों में नई शिक्षा व्यवस्था लागू की गई है जिसमें अब फाउंडेशन लिटरेसी और न्यूमेरेसी प्रोग्राम के तहत पहली से पांचवी तक के बच्चों की पढ़ाई कराई जाएगी। जिससे बच्चों में चीजों को सीखने की ललक बढ़ेगी और अलग अलग कार्यक्रम व एक्टिविटी के जरिए कक्षाएं आयोजित होने से छात्र सरलता से पढ़ाई कर सकेंगे।
शिक्षकों को किया जा रहा ट्रेंड
राज्य शिक्षा केन्द्र से मिली जानकारी के मुताबिक नई शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदेश के सभी 90 हजार प्राइमरी स्कूलों के टीचर्स को ट्रेनिंग दी जा रही है। हिंदी भाषा और गणित के लिए पूरी तरह से कांसेप्ट तैयार किए जा चुके हैं। जिसके बाद स्कूलों में कक्षा 1 से 5वीं तक के छात्रों को अलग-अलग कार्यक्रम और एक्टिविटी के जरिए कक्षाएं आयोजित की जाएगी।
Published on:
20 Apr 2022 06:19 pm
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