
New Rule: किराएदारों और मकान मालिकों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। दरअसल किराएदारों और मकान मालिकों के बीच होने वाले अनुबंध के नियमों में बदलाव होने वाले है जिसके बाद किराएदार मकान पर कब्जा नहीं कर पाएंगे और अनुबंध खत्म होने के बाद किराएदार को मकान को खाली करना ही पड़ेगा। मकान मालिक और किराएदार के अधिकार का संरक्षण करने के लिए केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने किराएदारी अधिनियम विधेयक का प्रारूप तैयार किया है, जिसे मध्यप्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र में प्रस्तुत किया जा सकता है।
अधिनियम विधेयक का जो प्रारूप तैयार किया गया है उसके मुताबिक नया नियम लागू होने के बाद मकान किराए पर लेकर रहने वाला किराएदार अब उस पर कब्जा नहीं कर पाएगा। अनुबंध में निर्धारित अवधि पूरी होने पर उसे मकान खाली करना होगा। यदि वह ऐसा नहीं करता है तो शिकायत पर किराया प्राधिकारी बेदखली की कार्रवाई करेंगे।
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नया नियम लागू होने के बाद मकान मालिक भी किराएदार को तंग नहीं कर सकेगा। वह पानी, बिजली, पाइप कुकिंग गैस की आपूर्ति, मार्ग, लिफ्ट, सीढ़ियों पर लाइट, सफाई व्यवस्था, पार्किंग सहित अन्य कई तरह की चीजों के लिए किराएदार को बाधित नहीं कर सकेगा और तो और किराएदार के परिसर में बिना अनुमति के प्रवेश का अधिकार भी उसे नहीं होगा।
प्रस्तावित विधेयक के मुताबिक हर जिले में किराया अधिकरण होगा। इसमें न्यायिक अधिकारी की नियुक्ति होगी। इन्हें शिकायत का निराकरण 60 दिन के भीतर करना होगा। आदेश का पालन करने के लिए स्थानीय निकाय या पुलिस की सहायता ली सकेगी। किराएदारी कानून के प्रावधान शासकीय परिसर, धार्मिक या ट्रस्ट के अलावा वक्फ अधिनियम के अधीन पंजीकृत न्यास के स्वामित्व वाले परिसर पर लागू नहीं होंगे।
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Updated on:
13 Jun 2024 10:09 pm
Published on:
13 Jun 2024 10:02 pm
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