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टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी बंद, अब रात में नहीं देख सकेंगे बाघ

वन विभाग और एनटीसीए में थी खींचतान, एनटीसीए ने कराया बंद, 2020 में शुरू हुआ था बफर में सफर, टूरिस्टों से छिनी बड़ी सुविधा

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एनटीसीए ने कराया बंद

भोपाल. दुनियाभर में टाइगर स्टेट के रूप में जाने जाते मध्यप्रदेश में टूरिस्टों से एक बड़ी सुविधा छीन ली गई है. प्रदेश के टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी बंद करा दी गई है। कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी बंद करने निर्णय लिया गया है. इस फैसले के कारण टूरिस्ट अब जंगलों में रात में बाघ नहीं देख सकेंगे.

वन विभाग एनटीसीए की अनुमति के बिना ही टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी करा रहा था- राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के निर्देश पर पार्क प्रबंधन ने यह निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार वन विभाग एनटीसीए की अनुमति के बिना ही टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी करा रहा था। इसको लेकर दोनों विभागों में लंबे समय से खींचतान चल रही थी।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि एनटीसीए ने ही बफर क्षेत्र में पर्यटन बढ़ाने को कहा- एनटीसीए का तर्क था कि इससे वन्यजीवों को प्राकृतिक जीवन जीने में दिक्कत होती है। वहीं वन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि एनटीसीए ने ही बफर क्षेत्र में पर्यटन बढ़ाने को कहा है।

एनटीसीए ने जून में वनविभाग को दूसरा पत्र लिखकर कहा था कि एनटीसीए के दिशा-निर्देशों में नाइट सफारी की व्यवस्था नहीं -एनटीसीए का यह भी तर्क था कि नाइट सफारी में शोर व वाहनों की रोशनी से वन्यजीवों को परेशानी होती है। एनटीसीए ने जून में वनविभाग को दूसरा पत्र लिखकर कहा था कि एनटीसीए के दिशा-निर्देशों में नाइट सफारी की व्यवस्था नहीं है। इस पर विभाग का तर्क था कि कोर एरिया में भी सफारी का प्रावधान नहीं है। मचान का भी प्रावधान नहीं है, लेकिन बनाए गए हैं।

वन विभाग ने नवंबर 2020 से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बफर में सफर योजना शुरू की थी। नाइट सफारी की मांग उठी थी तो विभाग ने शाम 7 से रात 10 बजे तक बफर क्षेत्र में पर्यटन की अनुमति दे दी थी।