
थानों को मिले नए भवन उसके बाद भी सड़क पर जब्ती का सामान
भोपाल. यातयात नियमों की अनदेखी या लावारिश अवस्था में मिले वाहन कई वाहन पुलिस ने जब्त तो कर लिए लेकिन इन्हें रखने के लिए जगह नहीं। कई थानों के पास खुद के भवन ही नहीं है। जगह की कमी के कारण रोड किनारे जब्ती के वाहन लगा दिए जाते हैं। कुछ समय पहले तलैया थाने का नया भवन बना लेकिन यहां वाहन अब भी सड़क पर हैं।
राजधानी में आधा दर्जन से ज्यादा थाने ऐसे हैं जहां जगह की कमी के कारण जब्त वाहन कैम्पस के वाहन खड़े किए जा रहे हैं। तलैया थाने के भवन का निर्माण बीते सालों में किया गया। इसके अलावा मंगलवारा थाने को भी नया भवन मिला है। यहां पहले कई वाहन सड़क पर खड़े होते थे। भवन निर्माण के बाद परिसर में जगह कम पड़ गई। अब यहां फिर से सड़क पर वाहनों का जमावड़ा शुरू हो गया। इस तरह के हालात कई और भी स्थानों पर हैं। इस मामले में थाना प्रभारियों के मुताबिक जगह की कमी के कारण ऐसा करना मजबूरी है।
महीनों खड़े रहते हैं वाहन
किसी अपराध या लावारिस अवस्था में मिले वाहन जब्त करने के बाद संबंधित पुलिस थाने में खड़े किए जाते हैं। ऐसे में उन जगहों पर दिक्कत बढ़ रही हैं जहां जगह कम है या जब्ती के वाहनों की संख्या ज्यादा है।
किराए के भवन में भी समस्या वहीं
वर्तमान में कुछ थाने तो किराए के भवन में चल रहे हैं। यहां जिम्मेदारों ने बताया कि वर्तमान में यहां जगह नहीं है कि इस कारण वाहनों को सड़क पर रखना पड़ रहा है। उनकी सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार गोलमोल ही जवाब दे रहे हैं।
नियमानुसार ...
नियमानुसार लावारिस अवस्था में बरामद या जब्त वाहनों के निस्तारण की प्रक्रिया छह माह बाद शुरू होती है। न्यायालय के निर्देश पर वाहनों की सूचना सार्वजनिक कराई जाती है ताकि किसी को अपने वाहन की जानकारी न हो तो उसे मिल सके और वो उसे ले जाए।
यहां पर दिख रही खराब स्थिति
विवाद जल्द न सुलझने के कारण इनका जमावड़ा बढ़ा है। वहीं नीलामी प्रक्रिया भी समय से नहीं हो पा रही है। कोहेफिजा, मिसरोद, टीटी नगर थाने के पास भी जब्त वाहनों को रखने की समस्या थी।
व्यवस्था संबंधित थाना प्रभारी हाथ
थाना पुलिस के जरिए जब्त वाहनों को रखने की व्यवस्था संबंधित थाना प्रभारी के पास होती है। जगह न होने पर इस तरह की स्थिति कुछ जगह है। सुधार कराया जाएगा।
रामजी श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक, हेडक्वार्टर भोपाल
Published on:
24 Sept 2021 12:35 am
