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महिला आयोग की तर्ज पर अब पुरुष आयोग भी बनना चाहिए

'मैं मायके चली जाऊंगी तुम देखते रहियो' की कास्ट पहुंची भोपाल  

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महिला आयोग की तर्ज पर अब पुरुष आयोग भी बनना चाहिए

भोपाल। बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंतित मां के टिप्स, पति पत्नी के बीच तकरार और बहू से प्यार करने वाली सास। कुछ ऐसी ही कहानी है 'मैं मायके चली जाऊंगी तुम देखते रहियो' सीरियल की। रोजमर्रा की खट्टी-मीठी और लोगों को गुदगुदाती इस कहानी से जुड़ा हर किरदार असल जिदंगी में परिवार को लेकर बहुत संजीदा हैं। उनका मानना है कि पति-पत्नी के बीच तालमेल और एक दूसरे को सम्मान देने से ही जिंदगी की गाड़ी बेहतर चल सकती है। सोनी टीवी पर प्रसारित हो रहे शो के प्रमोशन के सिलसिले में टीवी एक्ट्रेस नामिश तनेजा, सृष्टि जैन, नीलू वाघेला और अदिति देशपांडे शुक्रवार को भोपाल आए। इस दौरान उन्होंने पत्रिका प्लस से बातचीत की।

एक्टर नमिष तनेजा ने कहा कि समाज में सिर्फ महिलाएं ही प्रताडि़त नहीं होतीं पुरुष भी होते हैं? अगर महिला आयोग बना है तो उसकी तर्ज पर पुरुष आयोग बनाने में भी कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। टीवी एक्ट्रेस अदिति देशपांडे ने कहा कि ऐसा नहीं है कि समाज में महिलाएं ही परेशान हैं। कई जगहों पर महिलाएं भी अपने राइट््स का गलत इस्तेमाल करती हैं।

हर कपल परफेक्ट नहीं होता
भोपाल से ताल्लुक रखने वाली एक्ट्रेस सृष्टि जैन ने बताया कि हर कोई परफेक्ट नहीं होता, हमने शो में यही दिखाने की कोशिश की है। हम बताना चाहते हैं कि हमारे समाज में इन दिनों किस तरह से परिवार टूटते और बिखरते हैं और इनको बनाए रखने के लिए पति और पत्नी दोनों को ही साथ खड़े रहना जरूरी है।

अपनी-अपनी जगह पर सही होती हैं मां और सास

शो में सत्या देवी की भूमिका निभा रहीं नीलू वाघेला ने कहा कि मां अपने बच्चों के प्रति सदैव चिंतित रहती है। चूंकि उस मां ने पति से तलाक की परिस्थितियों को महसूस किया है इसलिए वह अपनी बेटी के लिए परेशान है। सत्या की भूमिका को अदिति भी अपनी जगह सही मानती हैं और रमा की भूमिका को भी सही बताती हैं। नीलू ने बताया कि रमा ने तलाक जैसे शब्दों का कभी अर्थ ही नहीं जाना इसलिए वह प्रेम और विश्वास से भरी हुई हैं।