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अब फसलों पर ड्रोन से होगा कीटनाशक का छिड़काव

जल और जमीन में जहर खुलने से बचाएगा ड्रोन, पीपीपी मोड पर प्रयोग

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भोपाल.मध्य प्रदेश में फसलों पर कीटनाशक छिड़काव करने के लिए सरकार किसानों को ड्रोन की सुविधा देने जा रही है इससे जल-जमीन में जहर खुलने से रोका जा सकेगा किसानों को कीटनाशक दवा की कम मात्रा लगेगी। योजना के तहत सरकार किसानों और शिक्षित बेरोजगार युवाओं के साथ करार करेगी। इसके लिए किसान सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे जहां ड्रोन मिल सकेगा ड्रोन के लिए सरकार शिक्षित बेरोजगार किसानों को 40 फीसदी अनुदान देगी ।

कीटनाशक दवा छिड़काव के संबंध में ट्रेनिंग भी दी जाएगी। दवा और पानी की मात्रा कितनी होनी चाहिए कितनी ऊंचाई से ड्रोन उड़ान भरकर दवा का छिड़काव करें, जिससे जमीन की सतह तक नहीं पहुंचे । यह सब भी किसान और युवाओं को बताया जाए । ड्रोन को उड़ाने के लिए युवाओं को उड्डयन मंत्रालय से लाइसेंस बनाने का काम कृषि विभाग करेगा। किसानों को दवा के छिड़काव का किराया टाइम अथवा रकबा के हिसाब से तय किया जाएगा।

खेती में दवा छिड़काव के लिये खरीदे जाने वाले एक ड्रोन की कीमत 70 लाख से 1 करोड़ रुपए होगी। जो कि 20 से 30 फीट ऊंचाई तक ड्रोन की उड़ान होगी। 20 से 40 लीटर कीटनाशक का छिड़काव एक बार में किया जा सकेगा।

मिट्टी और पानी में मिलती है 50 फ़ीसदी कीटनाशक दवा

वर्तमान में फसलों में कीटनाशक दवा के छिड़काव के लिए हैंड स्प्रिंग मशीन ट्रैक्टर स्प्रे मशीन का उपयोग किया जाता है जिससे जिस तरफ से स्प्रे किया जाता है उस तरफ की फसलों में दबा पहुंचती है लेकिन उसके विपरीत दवा नहीं पहुंच पाती दवा का छिड़काव जमीन और फसल की करीब से किया जाता है जिससे 50 फ़ीसदी दवा मिट्टी और पानी में पहुंच जाती है अब किसानों को इस बात से भी रोका जाएगा कि वे प्रतिबंधित दवा का छिड़काव करें यदि कोई किसान करता है उसकी सूचना कृषि विभाग के अफसरों को दी जा सकेगी।

मध्य प्रदेश कृषि अभियांत्रिकी विभाग के संचालक राजीव चौधरी के अनुसार कीटनाशक दवा के छिड़काव के लिए किसानों को लोन योजना तैयार की जा रही है इसे किसान कम दवा से ज्यादा फसलों में छिड़काव कर सकेंगे इसके अलावा फसलों में छिड़काव होगा तो इससे कितना जमीन और मिट्टी में नहीं मिल सकेगी