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सरकारी कर्मचारियों के लिए बदला टिकट बुक करने का नियम

-यात्रा के 24 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर लिखित स्पष्टीकरण जरूरी

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भोपाल। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सरकारी कर्मचारियों के फिजूल खर्च पर लगाम लगाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए कर्मचारियों के सफर के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नए नियमों के मुताबिक सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अगर विमान से सफर करते हैं तो उन्हें फ्लाइट में सबसे कम किराए वाला टिकट ही बुक करना होगा। उनका यह सस्ता टिकट फ्लाइट की उसी क्लास में होगा, जो उनके लिए पहले से तय है। कर्मचारियों को यात्रा से 21 दिन पहले ही टिकट बुक करानी होगी और इससे जुड़ी जानकारी मंत्रालय को भी देनी होगी।

बताया गया है कि सरकार अतिरिक्त वित्तीय खर्चों को कम करने का लक्ष्य तय कर रही है। इसकी एक वजह पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती भी है। इस कटौती के कारण राजस्व में कमी देखने को मिल रही है। सरकार कस्टम ड्यूटी में भी छूट, फर्टिलाइजर पर सब्सिडी और मुफ्त राशन योजना पर बढ़े खर्च की भरपाई करने के लिए कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं को कम करने की योजना बना रही है। दिशा-निर्देश के मुताबिक सरकारी कर्मी डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा दें और यात्रा के एक चरण के लिए एक ही टिकट बुक करें। एक बार में एक से ज्यादा टिकट लेकर चलना मान्य नहीं होगा। विशेष परिस्थितियों में लोग अधिकतम दो टिकट साथ लेकर चल सकते हैं।

नॉन स्टॉप फ्लाइट बुक करें

कर्मचारी अगर विमान में टिकट बुक कर रहे हैं तो नॉन स्टॉप फ्लाइट को प्राथमिकता दें। पहले से तय बुकिंग एजेंट्स से ही टिकट बुक कराएं। सरकारी कर्मचारी तीन ट्रैवल एजेंट्स- बामर लॉरी एंड कंपनी, अशोक ट्रैवल एंड टूर्स और आइआरसीटीसी के जरिए ही टिकट बुक करा सकते हैं।

सरकारी कर्मियों के लिए निर्देश

निर्देशों के मुताबिक कर्मचारियों को पहले से तय यात्रा के लिए सिर्फ एक टिकट बुक करना चाहिए। उनके कार्यक्रम की मंजूरी बाकी है, तो भी टिकट बुक कर लेना चाहिए। वहीं टिकट रद्द करने से बचना चाहिए। अगर कार्यक्रम रद्द होता है तो यात्रा से 72 घंटे पहले टिकट रद्द करा दें। कर्मचारियों ने यात्रा से 24 घंटे पहले टिकट रद्द नहीं करवाई तो उन्हें लिखित स्पष्टीकरण देना होगा।