
भोपाल। यात्रियों के लिए खुशखबरी है। बता दें कि स्वर्णिम चतुर्भुज स्कीम के तहत लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों से स्लीपर कोच को पूरी तरह खत्म करने के फैसले के बाद अब ट्रेन की रफ्तार बढ़ाने की तरफ कदम बढ़ा रहा है। जिसके लिए रेलवे (indian railway) ने फैसला लिया है कि अब जन शताब्दी, हमसफर व भोपाल एक्सप्रेस को जर्मनी की लिंक हॉफमैन बोश (LHB) टेक्नोलॉजी (LHB coaches) के कोच के रैक से चलाया जाएगा। जिससे ट्रेनों की औसत रफ्तार 110 से बढ़कर 130 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी।
जानिए क्या होगी खासियत
वहीं दूसरी ओर इस कोच की खासियत ये होगी कि ये किसी भी दुर्घटना के समय एक-दूसरे के ऊपर ओवरलैपिंग नहीं कर पाएंगे। जिससे यात्रियों को कोई भी परेशानी नहीं होगी। जानकारी मिली है कि भोपाल एक्सप्रेस को 20 एलएचबी कोच मिल गए हैं। ये कोच कपूरथला फैक्ट्री से भेजे गए हैं।
यात्रियों को होगा फायदा
साथ ही साथ यात्रियों को परेशानियों का सामना न करना पड़े इसलिए रेलवे ने तीन और ट्रेनों को चलाने की मंजूरी दी है। जानकारी के लिए बता दें कि ये ट्रेनें आज से यानि 20 अक्टूबर से नवंबर माह के बीच चलेंगी, जो मुंबई, छपरा, पुणे, लखनऊ और भोपाल रेल मंडल के स्टेशनों पर रुककर चलेगी। इन ट्रेनों के चलने से मध्यप्रदेश के यात्रियों को फायदा होगा।
Published on:
20 Oct 2020 10:13 am
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