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संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात, अब कच्ची नहीं पक्की होगी नौकरी, बनेंगे सरकारी अफसर

सरकार की यह नई पॉलिसी हताश और परेशान संविदा कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कान ले आई है। अगर आप भी संविदा कर्मी हैं, तो इस खबर को ध्यान से पढ़ लें और जानें क्या है सरकार की इस नई पॉलिसी के 3 अहम बिंदु...

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भोपाल। प्रदेश के विभिन्न विभागों में काम करने वाले ढाई लाख से ज्यादा संविदा कर्मचारियों को राज्यसकार चुनावी साल में नई सौगात देने जा रही है। दरअसल राज्य सरकार जल्द ही प्रदेश से संविदा को खत्म करने की तैयारी कर रही है। संविदा खत्म करने का मतलब यह नहीं है कि संविदा कर्मचारियों का भविष्य संकट में है, बल्कि संविदा खत्म कर इन लाखों कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली सभी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार ने इस संबंध की पॉलिसी तैयार कर ली है, अब जून में ही इस पॉलिसी पर मुहर भी लगा सकती है। सरकार की यह नई पॉलिसी हताश और परेशान संविदा कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कान ले आई है। अगर आप भी संविदा कर्मी हैं, तो इस खबर को ध्यान से पढ़ लें और जानें क्या है सरकार की इस नई पॉलिसी के 3 अहम बिंदु...

आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में संविदा भर्तियों की शुरुआत सन 2015 से की गई थी। तब सरकार ने खर्च से बचने के लिए इस भर्ती प्रक्रिया पर बाकायदा राजपत्र जारी किया था। संविदा पर होने वाली भर्ती एक कॉन्ट्रेक्ट के आधार पर होती थी। इसमें कर्मचारी का सरकार के साथ कॉन्ट्रेक्ट होता था। आगे नियमित कर्मचारियों की कमी को देखते हुए विभागों को यह जिम्मेदारी देकर अधिकृत कर दिया गया कि वे विभाग अध्यक्ष कार्यालयों को देखते हुए फिक्स वेतन पर संविदा कर्मचारी की भर्ती कर सकें। वर्तमान में इन्हें वेतन के अलावा रिटायरमेंट पर ग्रेचयुटी, स्वास्थ्य बीमा या अन्य लाभ नहीं मिलते हैं।

संविदा कर्मचारियों के लिए तैयार इस पॉलिसी की खासियत

1. नहीं होगी अगले साल की नौकरी की टेंशन
- संविदा कर्मचारियों के लिए तैयार की गई नई पॉलिसी पर मुहर लगते ही यह लागू हो जाएगी। इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि अब इन कर्मचारियों को अगले साल नौकरी रहेगी या नहीं का कोई टेंशन नहीं रहेगा। दरअसल इस पॉलिसी के मुताबिक संविदा कर्मचारी अब तक स्व-मूल्यांकन करते थे, हर साल होने वाला यह स्व-मूल्यांकन अफसरों और कर्मचारियों के अप्रैजल के लिए काम आता था, इसके आधार पर यह भी तय किया जाता था कि अब ये कर्मी नौकरी पर रहेंगे या नहीं। लेकिन इस पॉलिसी में संविदा कर्मचारियों के स्व-मूल्यांकन और अप्रैजल जैसी चीजों से निजात मिल गई है। अब नौकरी पर रहेंगे या नहीं इस दायरे से ये कर्मचारी बाहर हो जाएंगे।

2. मिलेगा निश्चित वेतन, डीए देने की तैयारी
- संविदा कर्मचारियों के लिए तैयार इस पॉलिसी में उन्हें महंगाई भत्ता(डीए) देने का प्रस्ताव है। डीए के दायरे में लाने के लिए कर्मचारियों को फिलहाल जो सैलेरी मिल रही है, उसे फिक्स सैलेरी के दायरे में लाया जाएगा और डीए को न्यूट्रलाइज किया जाएगा। ऐसा करने से जब भी डीए बढ़ेगा इन कर्मचारियों को भी टीचर्स की तरह ही बढ़े हुए डीए का लाभ मिलेगा। वर्तमान में भी संविदा कर्मचारिों को हर साल इंक्रीमेंट दिया जा रहा है।

3. 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा और ग्रेच्युटी भी
इस नई पॉलिसी में संविदा कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है। इसके तहत जहां अवकाश नकदीकरण और 5 लाख रुपए के स्वास्थ्य बीमा के साथ ही रिटायर्ड होने पर ग्रेच्युटी और पेंशन देने की भी तैयारी है।