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भोपाल। मध्यप्रदेश से गुजरने वाली ट्रेनों और सभी रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा को और पुख्ता करने मप्र जीआरपी जल्द ही स्टेट रेलवे मॉनीटरिंग सेंटर शुरू करने जा रही है। शुरुआत भदभदा रोड स्थित पुलिस लाइन में की जाएगी। यहां एआइजी के साथ ही इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, दो एएसआइ और पांच से छह कांस्टेबल तैनात होंगे। इस सेंटर से मप्र के तीनों जोनल सेंटर इंदौर, भोपाल, जबलपुर के अंतर्गत आने वाले दस जीआरपी थानों के साथ ही पड़ोसी राज्य राजस्थान, महाराष्ट्र गुजरात, यूपी, दिल्ली की जीआरपी के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की कवायद की जाएगी।
सूचना तंत्र को करेंगे और मजबूत
स्टेट रेलवे मॉनीटरिंग सेंटर से ट्रेनों में सक्रिय आदतन अपराधियों की धरपकड़ के लिए सूचना तंत्र को और मजबूत करने पर फोकस रहेगा। पड़ोसी राज्यों के अलावा प्रदेश के जीआरपी थानों से अपराधियों की जानकारी साझा की जाएगी। हिस्ट्रीशीटरों की धरपकड़ के लिए भी अभियान को गति मिलेगी। कई राज्यों से रेलवे सीमा लगने के कारण अपराधी अक्सर मप्र की सीमा में वारदात कर फरार हो जाते हैं। इन अपराधियों की संपूर्ण जानकारी मॉनीटरिंग सेंटर में इकट्ठा की जाएगी। इसके बाद इनकी धरपकड़ के लिए ऑपरेशन संचालित होंगे।
हेल्पलाइन नंबर होगा जारी
ऐसे संदिग्ध कर्मचारियों पर भी नजर रखी जाएगी, जिनका ट्रैक रिकॉर्ड खराब रहा है। इसमें रेलवे कर्मचारी, जीआरपी जवान भी होंगे। मॉनीटरिंग सेंटर के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा। ट्रेनों में अपराधों को अंजाम देने वाले और इनके मददगार मॉनीटरिंग सेंटर की रडार पर रहेंगे।
साइबर सेल भी होगी
साइबर क्राइम के बढ़ते दायरे को देखते हुए मॉनीटरिंग सेंटर में साइबर सेल भी होगी। यहां बता दें कि ऑनलाइन रेलवे टिकट समेत अन्य रेलवे संबंधी सेवाओं के नाम पर साइबर अपराध बढ़े हैं।
साइबर अपराधों की जांच के लिए पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
डॉ. एमएस सिकरवार, आइजी (रेल) का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए जीआरपी लाइन में स्टेल रेलवे मॉनीटरिंग सेंटर की स्थापना की जा रही है। जीआरपी थानों और पड़ोसी राज्यों की जीआरपी के साथ समन्वय को बेहतर किया जाएगा।
Published on:
07 Apr 2022 02:35 pm
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