
हर एक में ऐसा जज्बा हो तो अव्वल होता शहर
भोपाल। शहर को साफ सुथरा रखने में शहर के कुछ ग्रुप और व्यक्तिगत रूप से काम कर रहे लोग दूसरों के लिए मिसाल साबित हो रहे हैं। ये उन लोगों के लिए एक सबक है जो स्वच्छता का पूरा जिम्मा केवल नगर निगम और प्रशासन पर फोड़ रहे हैं। अगर इनकी तरह हर एक में जज्बा हो तो राजधानी के साथ भोपाल को शहरों में भी अव्वल बनाया जा सकता था।
शिकायतों के बाद भी कोई नहीं पहुंचा तो खुद उठा ली झाडू
सालभर पहले की बात है। साईंनाथ नगर कॉलोनी में कई शिकायतों के बाद भी भंडारे का कचरा नहीं उठा तो यहां की रहवासी सुमन पुरोहित कुछ महिलाओं को साथ लेकर यहां की सफाई करने खुद ही जुट गईं। रिक्शे में कचरा भरवाकर कचरा घर तक पहुंचाया। तब से ये अभियान में तब्दील हो गया। यहां की मंजू मलिक, ज्वाला रैकवार, भारती भट्ट, किरण शिवहरे, क्षमा सोनी, नीता मलिक, रिम्पी वालिया आदि महिलाएं मिलकर खुद ही अपने क्षेत्र की सफाई की निगरानी कर रही हैं। कचरा पड़ा दिखने में सफाई तक कर देती है। कॉलोनी के लिए ये मिसाल बन साबित हुई हैं।
बंजर जमीन को बनाया पार्क, पौधों को पानी देने के बाद कोई दूसरा काम
सम्राट कॉलोनी के बीच बंजर पड़ी जमीन पर जनसहयोग से पहले पार्क विकसित किया गया। अब इसकी देखरेख का जिम्मा कॉलोनी की रहवासी समिति उठा रही है। इस समिति में कारोबारी, नौकरीपेशा से लेकर रिटायर्ड कर्मचारी भी शामिल हैं। समिति के अजीज मोहम्मद खान और इनके साथियों के दिन की शुरुआत पार्क के पौधों को पानी देने से होती है। सफाई के मामले में कॉलोनी के कई घरों में जाकर कचरा न फैलाने की हिदायत दी गईं। पिछले कई सालों से ये काम चल रहा है। पिछले वर्ष बेहतर काम करने के लिए कॉलोनी की इस समिति को सीएम की ओर से सम्मान भी मिल चुका है।
हरियाली के साथ किया कचरा निष्पादन के लिए काम
कल्पना नगर-सोनागिरी में घरेलू महिलाओं ने क्षेत्र की सफाई और कॉलोनी के पार्क के विकास के लिए चार साल पहले समूह का गठन किया। हर रविवार को महिलाओं का ये ग्रुप क्षेत्र में काम करता है। अब तक यहां जर्जर पड़े करीब चार पार्क का ये विकास कर चुका है। साथ ही घरों से निकलने वाले कचरों को खाद बनाने लायक बनाने प्रयास कर रही है। इसके लिए एक वाहन भी खरीदा गया है। ये काम आपस में राशि जमा कर कराया जाता है। ग्रुप की फाउंडर मेम्बर किरण शर्मा बताती हैं कि जिस तरह महिलाएं घर की साफ-सफाई करती हंै, अगर अपनी कॉलोनी में भी सप्ताह में एक दिन स्वच्छता में सहयोग करें तो शहर खूबसूरत हो जाएंगा। प्रशासन के भरोसे बैठने की बजाय लोग खुद जिम्मेदारी समझे तो शहर सबसे आगे होगा।
Published on:
10 Mar 2019 08:36 pm
