
राज्य स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन में गूंजे यह मुद्दे
old pension scheme - भाजपा शासित राज्यों में सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन मिलेगी या नहीं इस पर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। जिन राज्यों में कांग्रेस ने पुरानी पेंशन लागू करने की घोषणा की थी और वो सत्ता में आ गए थे। उन राज्यों का फंड भी केंद्र सरकार ने लटका दिया है। कर्मचारियों ने एक बार फिर पुरानी पेंशन को लागू करने की मांग उठाई है।
मध्यप्रदेश में एक बार फिर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग उठने लगी है। मध्यप्रदेश के कर्मचारी कई वर्षों से पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग कर रहे हैं। कई बार धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। कर्मचारियों का कहना है कि भाजपा शासित राज्य होने से कर्मचारियों में पुरानी पेंशन को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई है। राज्य सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।
मध्यप्रदेश के तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव उमाशंकर तिवारी ने का कहना है कि मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में पुरानी पेंशन लागू करने की मांग बड़े जोर-जोर से की जा रही है। छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल, झारखंड जैसे राज्यों ने पुरानी पेंशन लागू करने के साथ 2005 से नई पेंशन स्कीम में काटे गए पैसे को केंद्र से वापस लेने के लिए प्रस्ताव भी दिया है, जिसे केंद्र सरकार की ओर से अमान्य कर दिया गया। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के अनुसार यह पैसा वापस नहीं लौटाया जा सकता।
उमाशंकर तिवारी ने कहा ऐसा होने से इन राज्यों में भारी परेशानी उत्पन्न होगी और आने वाले समय में अन्य राज्य भी पुरानी पेंशन लागू करने से बचेंगे। पांच राज्यों के हुए चुनाव में बीजेपी सरकार की ओर से सरकार बनने के बाद कर्मचारियों में पुरानी पेंशन को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। अन्य राज्यों में भी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल करने के जल्दी आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
वित्त राज्य मंत्री के बयान से गुस्सा
उमाशंकर तिवारी ने बताया कि मध्यप्रदेश के लाखों कर्मचारी हाल ही में लोकसभा में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के बयान से बेहद नाराज है। वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा था कि पुरानी पेंशन (OPS) लागू करने का कोई प्रकरण विचाराधीन नहीं है। इस बयान के बाद कर्मचारियों में भारी निराशा है। तिवारी ने कहा है कि केंद्र से लेकर सभी राज्यों में कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल करना चाहिए। पुरानी पेंशन कर्मचारियों का वृद्धावस्था का बहुत बड़ा सहारा होती है। उसके परिवार की बहुत बड़ी जिम्मेदारियों का निर्वहन पुरानी पेंशन के तहत मिलने वाली राशि से होता है। इसे बंद करने के बाद से कई कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
एनपीएस और ओल्ड पेंशन स्कीम में अंतर
पुरानी पेंशन स्कीम में कर्मचारी के वेतन से कोई कटौती नहीं होती थी। जबकि नई पेंशन योजना में 10 प्रतिशत की कटौती वेतन से की जाती है। इसमें 14 प्रतिशत हिस्सा सरकार मिलाती है। पुरानी पेंशन स्कीम में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सरकारी कोष से पेंशन दी जाती थी। नई स्कीम शेयर बाजार पर आधारित है। पुरानी स्कीम में जीपीएफ था, लेकिन नई स्कीम में यह सुविधा नहीं है। पुरानी स्कीम के तहत सेवानिवृत्त होते समय वेतन की आधी रकम पेंशन के रूप में मिलती थी। जबकि नई योजना में पेंशन कितनी मिलेगी इसकी गारंटी नहीं है।
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Updated on:
18 Jan 2024 04:03 pm
Published on:
18 Jan 2024 04:01 pm

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