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ओंकारेश्वर में सावन में न जल चढ़ा सकेंगे और न फूल या बेल पत्र

ज्योतिर्लिंग पर नहीं चढ़ेगा जल और फूल-बेलपत्र, ओंकारेश्वर पर सुबह नौ बजे बाद लग जाएगा ये प्रतिबंध

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ज्योतिर्लिंग पर नहीं चढ़ेगा जल और फूल-बेलपत्र

भोपाल. एमपी के विख्यात ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में सावन माह में पूजा-दर्शन के लिए प्रशासन ने सख्त दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। यहां आनेवाली भक्तों की भीड़ पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने कई चीजों पर प्रतिबंध लगा दिया है जिसके आदेश भी जारी कर दिए हैं।

आदेश के अनुसार नाव संचालन वन.वे किया गया है। सबसे खास बात यह है कि ज्योतिर्लिंग पर जल और फूल-बेलपत्र चढ़ाना भी बैन कर दिया गया है। आदेश के अनुसार श्रीजी मंदिर गर्भगृह में सुबह नौ बजे के बाद न तो जल चढ़ाया जा सकेगा और न ही फूल या बेलपत्र।

इस संबंध में पुनासा के एसडीएम सीएस सोलंकी ने बताया कि 4 जुलाई से 11 सितंबर तक के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। धारा 144 के अंतर्गत यहां आनेवाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए ये कदम उठाए गए हैं। इसके अंतर्गत ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं के नर्मदा में स्नान और नाव चलाने, मंदिर में दर्शन और पूजन की व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए गए हैं।

ये हैं प्रमुख निर्देश
श्रीजी मंदिर के गर्भगृह में सुबह नौ बजे के बाद जल और बेलपत्र सहित फूल चढ़ाना भी प्रतिबंधित रहेगा।
निकासी द्वार से प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
विशेष अतिथि या विकलांग अथवा बुजुर्ग पुलिस चौकी के पास वाले गेट से प्रवेश कर सकेंगे।
झूला पुल और पुराने पुल पर भक्तों के साथ पंडे.पुजारी खड़े नहीं रह सकेंगे।
दान काउंटर हाल में किसी भी स्थिति में अभिषेक पूजन नहीं कर सकेंगे। अभिषेक-पूजन अभिषेक हाल में ही करना होगा।

झूलापुल और पुराने पुल पर फूल, बेलपत्र, प्रसाद, चंदन टीका आदि नहीं बेच सकेंगे। यहां फोटोग्राफर भी नहीं आ सकेंगे।

कोटीतीर्थ घाट और चक्रतीर्थ घाट पर शनिवार, रविवार और सोमवार को नाव का संचालन नहीं होगा। अन्य दिनों में सवारियों को नाव से इन घाटों पर मात्र छोडा जा सकेगा।