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सिक्सलेन कोलार रोड पर सिर्फ एक पब्लिक टॉयलेट, 5 में से 3 रोड निर्माण में तोड़ दिए

गाइडलाइन में 3 किमी पर एक पब्लिक टॉयलेट जरूरी, नए बनाने की जगह भी नहीं

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गाइडलाइन में 3 किमी पर एक पब्लिक टॉयलेट जरूरी, नए बनाने की जगह भी नहीं

सिक्सलेन कोलार रोड पर सिर्फ एक पब्लिक टॉयलेट, 5 में से 3 रोड निर्माण में तोड़ दिए

भोपाल. कोलार सिक्सलेन रोड पर जा रहे हैं तो ध्यान रखें इस पर आपको कोई पब्लिक टॉयलेट नहीं मिलेगा। रोड को 36 मीटर तक चौड़ा करने के लिए इसके तीन टॉयलेट को तोड़ दिया गया है। स्वच्छता गाइडलाइन के तहत प्रति तीन किमी पर एक पब्लिक टॉयलेट होना चाहिए। इस रोड पर पुराने चार टॉयलेट््स थे, लेकिन चौड़ाई बढ़ाने में इनमें से भी तीन तोड़ दिए। अब महज एक बीमाकुंज पर टॉयलेट है, लेकिन ये भी बदहाल। आप इस तथ्य को ध्यान में रखें। घर पर ही टॉयलेट यूज करके निकलें, ताकि रोड पर आपको दिक्कत नहीं आए। गौरतलब है कि इस रोड पर रोजाना डेढ़ से दो लाख लोगों की आवाजाही होती है। कोलार गेस्ट हाउस को बैरागढ़ चिचली से जोड़ते हुए गोल जोड तक निर्माण हो रहा है।
जनसुविधा जरूरी, क्योंकि रोड किनारे 100 से अधिक कॉलोनियां
कोलार सिक्सलेन रोड पर पंद्रह किमी की लंबाई तक पब्लिक टॉयलेट की कमी इसलिए बड़ी दिक्कत है क्योंकि रोड के आसपास 100 से अधिक आवासीय कॉलोनियां हैं। यहां इनमें डेढ़ लाख लोग रहते हैं। कोलार रोड पर इनकी रोजाना आवाजाही होती है और ऐसे में टॉयलेट नहीं होने से इनकी दिक्कत बढ़ती है। यहां सडक का निर्माण चल रहा है, इसमें ट्रैफिक कंजक्शन बनने से वाहनों को मुडऩा या ठहरना भी मुश्किल रहता है। धूल व जाम से परेशानी बन रही है। ऐसे में टॉयलेट््स नहीं होना एक नई परेशानी है।
रोड किनारे जगह नहीं बची, कहां बनाएंगे टॉयलेट

रोड निर्माण शुरू होने के समय सर्वधर्म, महाबली के पास, बीमाकुंज समेत बैरागढ़ चिचली की ओर पब्लिक टॉयलेट थे। इनमें से सर्वधर्म, महाबली नगर, बैरागढ़ चिचली के टॉयलेट तोड़ दिए गए। नए के लिए जगह निकालना है, लेकिन बाजार, निजी निर्माण के साथ सडक होने से जगह नहीं बन रही। मुख्य रोड से कम से कम 100 बाद ही कुछ जगह बनेगी, लेकिन ये काफी दूर होगा। ऐसे में रोड निर्माण के साथ ही टॉयलेट के लिए जगह निकालना होगी।
बूढ़े टाइगर को बुधनी के जंगल से रेस्क्यू कर वन विहार भेजा
भोपाल. 14 दिसंबर को जोशीपुर के जंगल में एक टाइगर होने की सूचना पर वन विभाग की टीम ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण कर टाइगर की स्थिति देखी। वन विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। वन विभाग ने 24 घंटे तक उसकी निगरानी की। इस दौरान टीम को जानकारी लगी कि बाघ चलने -फिरने की स्थिति में नहीं है उसकी हालत ठीक नहीं है। वह पूरी तरह से असमर्थ है। बुधनी वन विभाग ने इसकी सूचना वन विहार भोपाल को दी। इस पर भोपाल से आई टीम ने उसका रेस्क्यू किया। भोपाल से डॉक्टर एके गुप्ता और एसडीओ ङ्क्षसह के नेतृत्व में 15 लोगों की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर टाइगर को बेहोश कर पहले प्राथमिक उपचार दिया फिर भोपाल लेकर आए। यहां वन विहार में उसका उपचार शुरू हो गया है।
110 फीट रोड, 700 दुकानों के 4000 वाहन, पार्किंग नहीं
पंद्रह किमी में जिस तरह टॉयलेट तोड़े गए, रोड पर पार्किंग की जगह भी खत्म कर दी गई है। बीमा कुंज पर बाजार के सामने भी पार्किंग का क्षेत्र 30 फीसदी घट गया। बाकी कहीं पार्किंग के लिए जगह नहीं है। अभी जहां रोड बन गई वहां दुकानदार अपने वाहन रख रहे। पूरी रोड बनकर शुरू होगी तो दुकानदारों के 4000 वाहन कहां रखेंगे ये बड़ी दिक्कत आएगी। बैरागढ़ चिचली से कोलार तिराहा गेस्ट हाउस तक 700 दुकानें हैं और दुकान मालिक व कर्मचारियों के करीब 4000 वाहन है जो अभी रोड पर जहां जगह मिली खड़े हो रहे हैं। एक्सपट््र्स का कहना है कि इसके लिए पंद्रह किमी दायरे में कम से कम दो मल्टीलेवल पार्किंग जरूरी है। इसके लिए भी जगह निकालना होगी।