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भाजपा में बढ़ रही है बगावतः जानिए 39 सीटों में से कितनी सीटों पर हो रहा प्रत्याशियों का विरोध

भाजपा ने 17 अगस्त को जारी की थी 39 प्रत्याशियों की पहली सूची...। हर दिन बढ़ रहा है इन सीटों पर विरोध...।

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भोपाल

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Manish Geete

Aug 24, 2023

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भाजपा ने 39 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करके बाजी तो मार ली, लेकिन कई दावेदारों के बागी बनने का सिलसिला भी शुरू हो गया। किसी ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया तो किसी ने प्रत्याशी को हराने तक की बात कह दी। तो एक प्रत्याशी ने खुद भी विरोध कर दिया कि मैंने टिकट ही नहीं मांगा था, तो इस सीट से टिकट क्यों दे दिया। उन्होंने अन्य स्थान से तैयारी की थी।

patrika.com पर देखिए किन सीटों पर हैं विरोध के स्वर...।

भाजपा ने 17 अगस्त को ही 39 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी। सबसे पहले सूची जारी करके कहा जा रहा था कि यह मास्टर स्ट्रोक साबित होगा। इससे उम्मीदवारों को तैयारी में वक्त मिल जाएगा। लेकिन अब 39 सीटों में अन्य दावेदारों ने विरोध शुरू कर दिया है। अब तक 39 में से 16 सीटों पर विरोध होने लगा है। हालांकि भाजपा डैमेट कंट्रोल में जुट गई है। इन नेताओं के साथ मध्यस्थता का भी दौर शुरू हो गया है।

1. चांचौड़ा में प्रियंका मीणा का विरोध

गुना जिले की चांचौड़ा सीट से प्रियंका मीणा को उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद पूर्व विधायक ममता मीणा ने सवाल उठाए दिए। ममता का कहना है कि कार्यकर्ताओं से बगैर पूछे पार्टी पैराशूट कैंडिडेट उतार रही है। वो पंचायत चुनाव में मुझसे 235 वोटों से हार गई थीं। उनके देवर भी चुनाव हारे थे।

2. मुरैना की संबलगढ़ से सरला विजय रावत

मुरैना की सबलगढ़ सीट से पार्टी ने सरला विजय रावत को प्रत्याशी बनाया है। यह पिछले चुनाव में तीसरे स्थान पर थीं। बीजेपी के प्रदेश महामंत्री रणवीर सिंह रावत के बेटे आदित्य के विरोधी स्वर सुनाई दिए। आदित्य ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि “पहले 2018, फिर राज्यसभा चुनाव, अब फिर नजरअंदाज।” हालांकि बाद में उन्होंने पोस्ट हटा दी थी। बाद में पार्टी के निर्णय को ही उचित मानते हुए उन्होंने सरला को शुभकामनाएं दे दीं।

3. डिंडौरी की शहपुरा से भाजपा प्रत्याशी ओमप्रकाश धुर्वे

डिंडौरी जिले की शहपुरा सीट पर ओमप्रकाश धुर्वे का नाम घोषित होते ही सवाल खड़े हो गए। खुद धुर्वे ने ही सवाल खड़ा कर दिया। कहते हैं कि मैं एक साल से डिंडौरी से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा हूं, लेकिन मुझे शहपुरा से लड़ा रहे हैं। यह बात में पार्टी के फोरम में रखने वाला हूं।

4.भोपाल उत्तर से आलोक शर्मा का विरोध

भोपाल उत्तर से पूर्व महापौर आलोक शर्मा को प्रत्याशी बनाया गया। इसके बाद संघ से जुड़े भाजपा नेता मांगीलाल बाजपेई नाराज हो गए। उनका कहना है कि आलोक ने सीएम को पता नहीं कौन-सी घुट्‌टी पिला दी है कि महापौर का चुनाव वही लड़ते हैं और विधानसभा का चुनाव भी वहीं लड़ते हैं। जबकि पार्टी में निष्ठावान कार्यकर्ताओं की कमी नहीं है। बाजपेयी ने आलोक शर्मा को हराने का दावा किया है।

5. देवास जिले की सोनकच्छ सीट से राजेश सोनकर

देवास की सोनकच्छ सीट से भाजपा ने इस बार पार्टी के इंदौर ग्रामीण अध्यक्ष राजेश सोनकर को टिकट दिया है। सोनकर इंदौर की सांवेर सीट से विधायक रह चुके हैं। इस सीट से अभी तुलसी सिलावट विधायक हैं। सोनकर को टिकट मिलने पर पूर्व विधायक राजेंद्र वर्मा नाराज हैं। राजेंद्र वर्मा कहते हैं कि 23 हजार वोटों से हारे पूर्व मंत्री लाल सिंह सहित दूसरे लोगों को टिकट मिल गया। मेरे साथ ही नाइंसाफी क्यों हुई?

6. सागर जिले की बंडा सीट से वीरेंद्र सिंह लम्बरदार

सागर की बंडा सीट पर भाजपा की ओर से इस बार पूर्व सांसद शिवराज सिंह लोधी के बेटे वीरेंद्र सिंह लम्बरदार को टिकट दिया गया है। इस पर यहां से दावेदारी कर रहे भाजपा नेता रंजोर सिंह और उनके समर्थकों ने प्रदर्शन कर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल के खिलाफ नारे लगाए। शाहगढ़ में रैली भी निकाली।

7. छतरपुर शहर में पूर्व विधायक ललिता यादव

छतरपुर शहर की इस सीट पर पार्टी ने पूर्व विधायक ललिता यादव को टिकट दिया है। उनका विरोध पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र प्रताप सिंह गुड्डू के समर्थक कर रहे हैं। वे अपनी पत्नी व पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अर्चना सिंह की दावेदारी खारिज होने से नाराज हैं।

8. छतरपुर जिले की महाराजपुर से कामाख्या प्रताप सिंह

छतरपुर जिले की महाराजपुर सीट से प्रत्याशी पूर्व विधायक मानवेंद्र सिंह के बेटे कामाख्या प्रताप सिंह का विरोध शुरू हो गया है। पार्टी के एक गुट ने उनका पुतला दहन किया। यहां के स्थानीय कार्यकर्ता इस बात से नाराज हैं कि एक बार फिर टिकट राजघराने को ही दे दी गई।

9. बालाघाट की लांजी से राजकुमार कर्राहे

बालाघाट की लांजी सीट से प्रत्याशी बनाए गए राजकुमार कर्राहे का भी विरोध हो रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं को गुस्सा इस बात का है कि एक भगोड़े को टिकट दे दिया। पूर्व विधायक रमेश पटेल इसी सीट से दावेदारी कर रहे थे।

10.झाबुआ में भानु भूरिया प्रत्याशी

झाबुआ के भाजपा जिला अध्यक्ष भानु भूरिया को टिकट मिलते ही पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष धन सिंह बारिया ने बगावत कर दी। उन्होंने पार्टी पर भाई-भतीजावाद का आरोप लगाते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की है। आरोप लगाया है कि संगठन कहता है कि परिवारवाद नहीं चलेगा तो झाबुआ में बुआ-भतीजा को कैसे टिकट दे दिया? भानु 27 हजार वोटों से उपचुनाव हार गए थे।

11. भिंड जिले की गोहद से लाल सिंह आर्य

भिंड जिले की गोहद सीट से भाजपा ने बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य को प्रत्याशी बनाया। इस पर रनवीर जाटव के समर्थक गुस्सा हो गए। दावे किए जाने लगे कि जाटव पार्टी छोड़ सकते हैं। जाटव को मनाने का जिम्मा सिंधिया ने संभाला। बात कर रनवीर के गिले-शिकवे दूर कर लिए गए। उन्होंने सार्वजनिक बयान देकर कहा कि वे पार्टी के निर्णय के साथ हैं।

12. पन्ना की गुन्नौर सीट से राजेश वर्मा

पन्ना के गुन्नौर में भाजपा के राजेश वर्मा को प्रत्याशी बनाया है। बीजेपी नेत्री अमिता बागरी ने विरोध कर दिया। बागरी ने पार्टी पर वंशवाद का आरोप लगा दिया। अमिता बागरी ने कहा कि पहले पिता, अब बेटे को टिकट दे रहे हैं। पार्टी को सिर्फ एक परिवार के प्रत्याशी पर ही भरोसा है। 2018 में मुझे आश्वासन दिया था कि अगली बार मौका मिलेगा। बावजूद मुझे टिकट नहीं मिला। अब मैं निर्दलीय चुनाव लड़ूंगी।

13. महेश्वर से राजकुमार मेव का विरोध

महेश्वर से राजकुमार मेव को टिकट मिला है। वे निर्दलीय लड़ चुके हैं। इस बार पार्टी ने उन्हें दोबारा टिकट दिया है। एक भागे हुए नेता को टिकट देने पर विरोध हो गया। महेश्वर में कल बैठक का बहिष्कार किया। कई नेता बैठक में ही नहीं पहुंचे।

14. पिछोर सीट से प्रीतम लोधी का विरोध

शिवपुरी जिले की पिछोर सीट पर भाजपा ने प्रीतम लोधी को उम्मीदवार बनाया है। कुछ समय पहले ही ब्राह्मणों और कथावाचकों पर टिप्पणी करने वाले प्रीतम लोधी को पार्टी ने बाहर कर दिया था। फिर उनकी वापसी हो गई। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा ने कहा है कि समाज लोधी और भाजपा के खिलाफ मुहिम चलाएंगे।

15. चित्रकूट सीट पर सुरेंद्र सिंह गहरवार का विरोध

सतना जिले की चित्रूट सीट से भाजपा ने पूर्व एमएलए सुरेंद्र सिंह गहरवार को उम्मीदवार बनाया है। गहरवार 2008 में विधायक रह चुके हैं। इसके बाद 2013 और 2018 में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। दो बार हारने के बाद भी टिकट देने पर युवा और अन्य दावेदार नाराज हैं। दावेदार सुभाष शर्मा डोली के समर्थक भी मैदान में है प्रत्याशी बदलने की मांग कर रहे हैं। शंकर दयाल त्रिपाठी भी नाराज हो गए हैं।

16. पांढुर्णा से प्रकाश उइके का विरोध

छिंदवाड़ा जिले की पांढुर्णा (अजजा) सीट से पूर्व न्यायिक अधिकारी प्रकाश उइके को उम्मीदवार बनाने से स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध कर दिया। इनका कहना है कि प्रकाश उइके बाहरी व्यक्ति है।

17. कुक्षी से जयदीप पटेल को का विरोध

धार जिले की कुक्षी (अजजा) सीट से जयदीप पटेल को प्रत्याशी बनाए जाने का भी विरोध होने लगा है। अलीराजपुर के रहने वाले पटेल को बाहरी बताते हुए विरोध किया जा रहा है। इसे लेकर कुक्षी के स्थानीय नेताओं ने वीडी शर्मा को ज्ञापन भी सौंपा गया है। 300 कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कार्यालय पहुंचकर हंगामा भी किया।

18. धरमपुरी में कालू सिंह ठाकुर का विरोध

धार जिले की ही धरमपुरी (अजजा) सीट पर पूर्व विधायक कालू सिहं ठाकुर को प्रत्याशी बनाया गया है। ठाकुर के विरोध की वजह विवादित आडियो है, जिसमें वे एक महिला नेता को गंदी-गंदी गालियां दे रहे हैं। ठाकुर 2013 में धरमपुरी से विधायक रह चुके हैं।