MP में ऑक्सीजन प्लांट लगाने वालों को सौगात : 50% प्रोत्साहन अनुदान के साथ 1 रुपए यूनिट मिलेगी छूट

जारी आदेश के तहत केंद्र और राज्य सरकार के फंड की मदद से हर संभाग में एक-एक प्लांट स्थापित किया जाएगा। साथ ही, सरकार ने निवेशकों के लिए भी ऑक्सीजन पॉलिसी बनाई है।

By: Faiz

Published: 29 Apr 2021, 11:52 AM IST

भोपाल/ मध्य प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर में हालात नियंत्रण से बाहर हैं। हालांकि, हालात को पटरी लेकर लौटने में सरकार भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही। फिलहाल, आलम ये है कि, कोरोना से जूझ रहे लोगों की सांसे थामें रखने के लिये शिवराज सरकार को प्रदेशवासियों के लिये अन्य राज्यों से ऑक्सीजन खरीदनी पड़ रही है। ऐसे में शिवराज सरकार को याद आया आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश। वैसे तो सीएम शिवराज ने आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश का ऐलान कोरोना की पहली लहर के दौरान किया था। लेकिन, अब हालात आसामान्य होने की वजह से ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए ताबड़तोड़ एक्शन मोड में आना पड़ा। नए जारी आदेश के तहत केंद्र और राज्य सरकार के फंड की मदद से हर संभाग में एक-एक प्लांट स्थापित किया जाएगा। साथ ही, सरकार ने निवेशकों के लिए भी ऑक्सीजन पॉलिसी बनाई है।

 

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अधिकतम प्रोत्साहन अनुदान 75 करोड़ रुपए होगा

उद्योग विभाग के सूत्रों के मुताबिक, पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया जा चुका है। जिसे अगली कैबनेट बैठक में रखा जाएगा, यहां चर्चा के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। जिसके मुताबिक प्राइवेट सेक्टर के लिए ऑक्सीजन प्लांट लगाने पर सरकार निवेशक को 50 फीसदी प्रोत्साहन अनुदान प्रदान करेगी। हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा 75 करोड़ रुपए तक होगी। अनुदान उस निवेशक को ही दिया जाएगा, जो प्रदेश में कम से कम 1 करोड़ रुपए का निवेश कर सकेगा।

 

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हादसे रोकने की व्यवस्था करने वाले को 1 करोड़ का अतिरिक्त अनुदान

प्रस्तावित ड्रॉफ्ट के मुताबिक, ऑक्सीजन प्लांट में खर्च होने वाली बिजली के हर यूनिट पर अन्य अन्य कमर्शियल यूनिट चार्ज के मुकाबले 1 रुपए प्रति यूनिट की छूट देने का प्रावधान भी होगा। यही नहीं, प्लांट में आगजनी की दुर्घटनाओं को रोकने की व्यवस्था करने वाले प्लांट को 1 करोड़ रुपए तक का अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। बता दें कि, प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए विभिन्न तरह के उद्योगों को प्रोत्साहन स्वरूप अनुदान दिया जाता है। ये इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी की लागत के हिसाब से सेट होता है। लेकिन, सरकार द्वारा ऑक्सीजन प्लांट के लिए निवेश प्रोत्साहन नीति में नया प्रावधान तैयार है।

 

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कहां से आएगा फंड, किस जिले में कौन बनाएगा प्लांट


-केंद्र सरकार

केन्द्र सरकार की और से मध्य प्रदेश के खंडवा, शिवपुरी, सिवनी, उज्जैन, जबलपुर, मंदसौर, रतलाम और मुरैना जिले के लिये प्लांट बनाने के लिये फंड दिया जाएगा।

-सीएम रिलीफ फंड

इसके अलावा, सीएम रिलीफ फंड की मदद से फंड इकट्ठा कर प्रदेश की राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा और शहडोल जिले में ऑक्सीजन प्लांट बनाने की व्यवस्था की जा रही है।


-राज्य सरकार

वहीं, राज्य सरकार की ओर से प्रदेश के सागर, सीहोर, विदिशा, गुना, सतना, रायसेन, बालाघाट, खरगौन, कटनी, बड़वानी, नरसिंहपुर, बैतूल, राजगढ़, भोपाल (काटजू हॉस्पिटल), धार, मंडला, होशंगाबाद, पन्ना, दमोह, छतरपुर, सीधी, भिंड, उमरिया, शाजापुर, नीमच, झाबुआ, सिंगरौली, टीकमगढ़, अशोकनगर, बुरहानपुर, अनूपपुर, श्योपुर, डिंडोरी, अलीराजपुर, आगर, निवाड़ी, हरदा, बालाघाट, धार, दमोह, जबलपुर, बड़वानी, शहडोल, सतना और मंदासौर में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की व्यवस्था की जा रही है।


ऑक्सीजन प्लांटों को लेकर सरकार का दावा

-निर्माणाधीन 13 प्लांट 15 मई 2021 तक तैयार कर लिये जाएंगे। यहां 22 मई से ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।
-इसके अलावा, प्रदेश के अलग अलग जिलों में 22 मई 2021 तक 9 अन्य प्लांट तैयार हो जाएंगे। यहां भी 29 मई से उत्पादन शुरू किये जाने का दावा है।
-साथ ही, 10 जुलाई 2021 तक 15 अऩ्य प्लांट तैयार किये जाएंगे। सरकारी दावे के मुताबिक, यहां 17 जुलाई से उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।

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