24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भोपाल के अलावा इस शहर में भी बने एमपी के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बंगले

Raj Bhawan- देश-दुनिया में भोपाल को मध्यप्रदेश की राजधानी के रूप में जाना जाता है। यहां प्रदेश के राज्यपाल के लिए जहां राजभवन बना हुआ है वहीं सीएम और अन्य मंत्रिमंडलीय सदस्यों के लिए अनेक विशाल बंगले हैं।

2 min read
Google source verification
Pachmarhi also has Raj Bhawan and CM's bungalow along with Bhopal

Raj Bhawan Pachmarhi (image-source-patrika.com)

Raj Bhawan- देश-दुनिया में भोपाल को मध्यप्रदेश की राजधानी के रूप में जाना जाता है। यहां प्रदेश के राज्यपाल के लिए जहां राजभवन बना हुआ है वहीं सीएम और अन्य मंत्रिमंडलीय सदस्यों के लिए अनेक विशाल बंगले हैं। भोपाल के अलावा प्रदेश के एक अन्य शहर में भी राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बंगले बने हुए हैं। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में यह सुविधा है। यहां का राजभवन परिसर तो करीब 23 एकड़ का है। 4 दशक पहले तक पचमढ़ी, एमपी की ग्रीष्मकालीन राजधानी हुआ करती थी। अब 3 जून को यहां कैबिनेट मीटिंग आयोजित की गई है।

पचमढ़ी गोंड शासक राजा भभूत सिंह के ऐतिहासिक योगदान को समेटे हुए है। वे जनजातीय समाज और शौर्य पराक्रम के प्रतीक थे। राजा भभूत सिंह की ऐतिहासिक भूमिका को फिर याद करने के लिए यहां मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की गई है।

यह भी पढ़े :मानसून पर बड़ा अपडेट, एमपी के किस जिले में कितना गिरेगा पानी, कहां होगा कोटा फुल

1967 के बाद पचमढ़ी को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की प्रथा समाप्त

कैबिनेट बैठक जिस राजभवन में रखी गई है उसका निर्माण अंग्रेजों ने कराया था। यह भवन ग्रीष्मकाल में प्रदेश के राज्यपाल का निवास स्थल बन जाता था। 1967 की गर्मियों के बाद पचमढ़ी को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की प्रथा समाप्त हो गई। जिसके बाद राजभवन को भी बंद कर दिया गया था। कुछ साल पहले ही इसे दोबारा आम जनों के लिए खोला गया।

वीआईपी मेहमानों के लिए सुविधायुक्त गेस्ट रूम

पचमढ़ी में राज्यपाल के लिए जहां राजभवन है वहीं मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियोें के लिए भी बंगले बने हुए हैं। राजभवन तो विशाल परिसर में है जोकि करीब 22.84 एकड़ जमीन में फैला है। इसमें बड़ा कॉन्फ्रेंस रूम और डायनिंग हॉल है। राजभवन में एक बड़ा घुड़साल और हाथी शाला भी है। यहां वीआईपी मेहमानों के लिए सुविधायुक्त गेस्ट रूम भी बने हैं।