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खुलासा करने वाले सचिव को पहले अवकाश पर भेजा फिर विभाग से ही हटाया!

सच की सजा: खुलासा करने वाले सचिव को पहले अवकाश पर भेजा फिर विभाग से ही हटाया!
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भोपाल

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Shiv Kumar Sharma

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Updated: 16 Jun 2018, 10:49 AM IST

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खुलासा करने वाले सचिव को पहले अवकाश पर भेजा फिर विभाग से ही हटाया!

भोपाल। इ-टेंडर में छेड़छाड़ कर रेट बदलने की गड़बड़ी पकडऩे वाले आइएएस मनीष रस्तोगी से मैप-आइटी विभाग छीन लिया है। इससे पहले उन्हें अवकाश पर भेज दिया था। वे सिर्फ राजस्व प्रमुख सचिव और प्रशासन अकादमी संचालक रहेंगे। रस्तोगी की जगह लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव प्रमोद अग्रवाल को मैप-आईटी का जिम्मा सौंपा है। अग्रवाल के विभाग में ही तीन इ-टेंडरों में छेड़छाड़ कर रेट बदले जाने का मामला सामने आया था।

पत्रिका ने इसे उजागर करते हुए प्रमुख सचिव रस्तोगी को जबरन अवकाश पर भेजने का १४ जून के अंक में खुलासा किया था। सरकारी प्रवक्ता ने दावा किया कि यह मामला जिस विभाग में खुला, उसके प्रमुख सचिव को मैप आइटी की जिम्मेदारी दी है। वे इस मामले की तहकीकात करेंगे।

रस्तोगी आए, तब खुला मामला
रस्तोगी ने मैप-आइटी की जिम्मेदारी मिलते ही सबसे पहले इ-प्रोक्योरमेंट पोर्टल विकसित करने वाली एंटारेस कंपनी और टीसीएस के अधिकारियों से रेड क्रॉस के बारे में समझा। तब बात सामने आई कि इ-टेंडर में टेम्परिंग करने पर लाल क्रॉस दिखाई देता है। उन्होंने पीएचई के पीएस अग्रवाल को पत्र लिखकर तत्काल तीनों टेंडर निरस्त करने को कहा। इसकी रिपोर्ट सीएम को भी भेजी। इसमें बड़ा घोटाला होने की आशंका जाहिर की गई। यह मामला इओडब्ल्यू को सौंपा गया। एक्सपर्ट की मदद से रस्तोगी पुराने टेंडरों को भी खंगाल रहे थे। इसमें ८5 टेंडरों में रेड क्रॉस पाया गया। इस कदम से निर्माण विभागों में पदस्थ आइएएस अफसर घबरा गए।

इ-टेंडर की टेम्परिंग मामले को सामने लाने वाले मेप आइटी के प्रमुख को पहले छुट्टी पर भेजना और अब उसे पद से हटाकर, दूसरे अधिकारी को चलती जांच में पदस्थ करना, बता रहा है कि यह घोटाला कितना बड़ा है और सरकार कितनी घबराहट में हैं। इसे किस तरह दबाने में लगी हुई है...

टेंडर कमेटी ने दी थी जिम्मेदारी
प्रमुख सचिव प्रमोद अग्रवाल ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तीन टेंडरों में लाल क्रास दिखने पर मैप आइटी के तत्कालीन प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव को पत्र लिखकर अवगत कराया था। श्रीवास्तव ने जवाब में कहा था कि सब कुछ ठीक है। मुख्य सचिव बीपी सिंह की अध्यक्षता में टेंडर कमेटी की बैठक में जब लाल क्रास का मामला उठा तो कमेटी सदस्यों ने कहा कि इस मामले की जांच कराना जरूरी है। इसके बाद मुख्य सचिव ने पीएस श्रीवास्तव से मैप-आइटी का प्रभार लेकर रस्तोगी को सौंप दिया था।