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भोपाल। बच्चों के स्कूल में एडमिशन को लेकर माता-पिता उलझन में रहते हैं। कई बार वे समझ नहीं पाते कि किस तरह के स्कूल में बच्चों का एडमिशन कराना चाहिए, ताकि उनका भविष्य बेहतर बन सके। बोर्डिंग स्कूल भी बच्चों के भविष्य के लिए बेहतर माने जाते हैं। इन स्कूलों में 24घंटे सिखाने का माहौल रहता है। बच्चे के हर तरह के विकास पर बोर्डिंग स्कूल में ध्यान दिया जाता है। शहर की काउंसलर शबनम खान बताती है कि अगर आप भी अपने बच्चे का एडमिशन बोर्डिंग स्कूल में करा रहे हैं तो स्कूल चुनते वक्त इन बातों का ध्यान जरूर रखिए।
स्कूल कितना बड़ा
बोर्डिंग स्कूल में एडमिशन कराते वक्त माता-पिता को ध्यान में रखना चाहिए कि वे किस तरह के बोर्डिंग स्कूल में बच्चे का एडमिशन चाहते हैं। स्कूल छोटा हो या बड़ा? बड़े स्कूल में बच्चा कई बच्चों के संपर्क में आता है। उसका सर्किल बड़ा होता है। बच्चों की तादाद ज्यादा होती है। अगर आप छोटे बोर्डिंग स्कूल में एडमिशन करा रहे हैं तो कम बच्चे होने की वजह से बच्चों पर अधिक ध्यान दिया जाता है। आप देखें कि इन सुविधाओं में से आपको किस तरह की सुविधा बेहतर लगती है। दोनों तरह के स्कूल की अपनी-अपनी खूबियां हैं। बच्चे को ध्यान में रखते हुए इस पर फैसला लेना चाहिए।
सहशिक्षा
आप अपने बच्चे का एडमिशन उस बोर्डिंग स्कूल में कराना चाहते हैं जहां लड़के-लड़कियां एक साथ पढ़ते हैं या उस स्कूल में जहां सिर्फ लड़के या सिर्फ लड़कियां ही पढ़ती हैं। ये आपकी सोच, आपके घर-परिवार के माहौल और आपके सामाजिक नजरिए पर निर्भर करता है। दोनों तरह के बोर्डिंग स्कूल की अपनी अहमियत है। फैसला आपको लेना है। बच्चे के स्वभाव, भविष्य सहित विभिन्न पहलुओं पर गौर करते हुए आपको सोचना चाहिए कि किस तरह का स्कूल आपके बच्चे के लिए बेहतर साबित होगा। इस पहलू पर गौर करके अपने बच्चे के लिए बोर्डिंग स्कूल चुनें।
धार्मिक शिक्षा
आप अपने बच्चे को धार्मिक शिक्षा दिलाना चाह रहे हैं या फिर आपका जोर सिर्फ आधुनिक शिक्षा पर ही है? इस नजरिए से भी सोचना बेहद जरूरी है। अगर आप सोचते हैं कि बच्चे को धार्मिक शिक्षा मिलनी चाहिए तो फिर स्कूल सलेक्ट करने का आधार भी यही होना चाहिए। ऐसे में यह देखने की जरूरत भी है कि जिस धार्मिक स्कूल में आप अपने पुत्र या पुत्री का एडमिशन करा रहे हो, वह आपकी आस्था और विश्वास के विरुद्ध तो नहीं है।
बच्चे के गुण
आपको इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि आपके बच्चे में किस तरह की खूबी है। वह खेल, संगीत या और किसी फील्ड में अच्छा हो सकता है। ऐसे में बोर्डिंग स्कूल ऐसा होना चाहिए, जो बच्चे के इस तरह के गुण को ध्यान में रखते हुए उसको तराश कर निखार सके।
दिलचस्पी
बच्चा खुद किस फील्ड में जाना चाहता है या फिर आप अपने बच्चे को क्या बनाना चाहते हैं? इस पहलू को भी बोर्डिंग स्कूल का चयन करते वक्त ध्यान रखना चाहिए। कई ऐसे बोर्डिंग स्कूल होते हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों को फोकस करते हुए बच्चों को तैयार करते हैं।
जरूर ध्यान दें
जब आपने बच्चे के लिए किसी स्कूल का चयन कर ही लिया है तो इन सवालों को भी जानना चाहिए जैसे- यह जांचें कि वह स्कूल सरकार से मान्यता प्राप्त तो है? आपके बच्चे की जरूरत के हिसाब से स्कूल एकदम उपयुक्त है? स्कूल में रहने का इंतजाम किस तरह का है? एक कमरे में कितने स्टूडेंट होंगे? बीमारी में बच्चे की देखभाल कैसे होगी? स्कूल से बाहर की एक्टिविटीज किस तरह की है?
Published on:
05 Aug 2018 06:46 pm
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