
mp news: ये बारिश नहीं बल्कि बीमारी का मौसम है अगर ऐसा कहा जाए तो शायद गलत नहीं होगा। दरअसल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मच्छरजनित बीमारियां से लेकर वायरल रोगों की चपेट में आए मरीजों की संख्या में भी 10 से 15 फीसदी बढ़ गई है। वहीं बच्चों में स्टमक फ्लू का खतरा बढ़ा है। हाल यह है कि एम्स, जेपी और हमीदिया अस्पताल में शुक्रवार को 10 हजार से ज्यादा मरीज ओपीडी में पहुंचे।
विशेषज्ञों के अनुसार बीते कुछ दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। कभी तेज धूप तो कभी बरसात के कारण हो रहे बदलाव से बीमारियां तेजी पनप रही हैं। ऐसे में तेज धूप और गर्मी से आने के बाद तुरंत ही ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक, नारियल पानी पीने और एसी में बैठने से नाक बहना, सिरदर्द, ठंड लगना, बदन दर्द, खांसी, बुखार और जुकाम हो रहा है। इस संक्रमण से बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक पीड़ित हैं।\
बारिश के मौसम में वैसे भी मच्छरों का प्रकोप अधिक होता है। डेंगू, मलेरिया के केस बढ़ रहे हैं। हाल यह है कि शहर में डेंगू के मामलों की संख्या 78 हो गई है। इसको देखते हुए लगातार लार्वा सर्वे का काम किया जा रहा है। साथ ही हर दूसरे दिन चार से पांच घरों में लार्वा पाए जाने पर ऑन स्पॉट फाइन भी लगाया जा रहा है।
गैस्ट्रोएन्टराइटिस (स्टमक फ्लू) में पेट और छोटी आंत में सूजन हो जाती है। पीड़ित बच्चे को दिनभर में 3 से अधिक बार दस्त होती है। विशेषज्ञों की मानें तो गैस्ट्रोएन्टराइटिस की बीमारी दूषित भोजन, पानी, जीवाणु, वायरल आदि कारणों के चलते होती है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. शर्मिला रामटेके के अनुसार बारिश के मौसम में इसका अधिक खतरा रहता है। ऐसे में यदि बच्चा में भूख न लगना, पेट में सूजन, दर्द, मितली, चक्कर आना और बुखार जैसे लक्षण दिखें तो सतर्कता जरूरी है। साथ ही डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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Updated on:
20 Jul 2024 10:06 pm
Published on:
20 Jul 2024 10:05 pm
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