
भेलकर्मियों को नहीं मिल रही स्वास्थ्य सुविधाएं
भोपाल/भेल। कस्तूरबा अस्पताल में मरीजों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल रहा है। मेडिकल, टेक्नीकल स्टाफ और डॉक्टरों की कमी के कारण 60 फीसदी से ज्यादा मरीज दूसरे अस्पतालों के लिए रेफर किए जा रहे हैं। 40 फीसदी मरीजों को सामान्य बीमारी का इलाज कराने के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दवा काउंटर पर तो मरीजों का पसीना छूट जाता है। दवाई लेने के लिए कई बार डेढ़ से दो घंटे तक लाइन में खड़े रहना पड़ता है।
कस्तूरबा अस्पताल की यह हालत तब है, जब एक साल पहले चिकित्सा सलाहकार समिति की बैठक में इस बात को लेकर काफी विवाद हुआ था। बैठक में तय किया गया था कि अस्पताल में दवा काउंटर की संख्या में बढ़ोत्तरी की जाएगी, लेकिन अभी तक नहीं की गई है। भेल के कस्तूरबा अस्पताल में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने को लेकर भेल के करीब 10 हजार कर्मचारियों के परिवार परेशान हैं।
सोनोग्राफी बंद होने से मरीज परेशान
रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर के रिटायर होने के बाद से अस्तूरबा अस्पताल में सोनोग्राफी की सुविधा बंद हो गई है। सोनोग्राफी की सुविधा बंद होने के कारण सबसे ज्यादा दिक्कत प्रसूताओं को हो रही है। सोनोग्राफी के लिए निजी अस्पताल जाना पड़ रहा है। निजी अस्पताल में एक सोनोग्राफी के 1200 से 2200 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। कस्तूरबा अस्पताल में एक दिन में करीब 35 सोनोग्राफी के केस आते हैं। डॉक्टर की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीज काफी परेशान हो रहे हैं।
अस्पताल की प्रमुख समस्या
- कस्तूरबा अस्पताल से निजी अस्पताल में मरीज रेफर होने पर इलाज शुरू करने से पहले पांच से 10 हजार रुपए जमा कराए जाते हैं। भेल पैनल के किसी भी हॉस्पिल में यह व्यवस्था नहीं है। भोपाल की इस व्यवस्था को बंद कराया जाना चाहिए।
- ईसीजी और केजुअल्टी डिपार्टमेंट में रात के समय और छुट्टी के दिन महिला नर्सिंग स्टाफ नहीं रहता है, जिससे महिलाओं को काफी दिक्कत होती है।
- भेल एम्प्लाईज के बच्चो का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 10 रुपए का चालान बनाने के लिए अरेरा कॉलोनी की बैंक जाना पड़ता है। कंपनी एवं कर्मचारियों का समय एवं साधन का नुकसान होता है। इसे प्रबंधन के द्वारा भेल की किसी बैंक ब्रांच से बनवाने या हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा निश्चित समय बाद किसी को भेज कर एक साथ बनवाने की व्यवस्था की जाए।
- भोपाल एवं इंदौर के अच्छे हॉस्पिटल को जल्द से जल्द भेल भोपाल के हॉस्पिटल पैनल में लाया जाए, जिससे एम्प्लाइज को अच्छी चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो सके।
- हॉस्पिटल में परमानेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ, टेक्निकल स्टाफ की भर्ती जल्द की जाए।
- हॉस्पिटल कैंटीन की हालत खराब है। प्लांट की कैंटीन की तर्ज पर इसे भी व्यवस्थित किया जाए।
- हॉस्पिटल की बिल्डिंग के अंदर सीसीटीवी लग गए है हॉस्पिटल कैंपस के अंदर एवं बिल्डिंग में जहाँ सीसीटीवी नही लग पाए है लगवाया जाए।
- एमआरआइ और सीटी स्कैन यूनिट की स्थापना कस्तूरबा हॉस्पिटल में की जाए।
Published on:
19 Aug 2018 05:06 pm
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