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लावारिस लाशों की व्यवस्था भी लावारिस, अंत्येष्टि योजना की जानकारी ही नहीं

Patrika Abhiyan: अफसर ही उड़ा रहे सरकारी नीतियों का मखौल, समाज कल्याण विभाग लावारिस लाशों के अंतिम संस्कार के लिए देता है तीन हजार रुपए, निगम कमिश्नर और कलेक्टर ने कहा-अभी तक कोई मदद मांगने ही नहीं आया...

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patrika Mati ki Mitti Abhiyan

Patrika Mati ki Aisi Mitti Abhiyan: सरकारी योजनाओं के क्रियान्यवन में कितनी लापरवाही बरती जाती है इसका ज्वलंत उदाहरण निराश्रितों, गरीबों और लावारिस लाशों के लिए शुरू की गयी अंत्येष्टि योजना है। राज्य सरकार ने 2013 में इस योजना को शुरू किया था लेकिन आश्चर्यजनक यह है कि स्कीम की जानकारी जिला प्रसासन, नगर निगम और पुलिस को है ही नहीं। योजना के तहत लावारिस लाशों के अंतिम संस्कार के लिए 3 हजार रुपए प्रति लाश दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन अब तक इस स्कीम का लाभ नगर निगम और जिला प्रशासन ने उठाया ही नहीं।

यह है नियम

राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा लावारिस और गरीबों के परिजनों की लाशों के अंतिम संस्कार के लिए अंत्येष्टि योजना के तहत 3 हजार की आर्थिक मदद की जाती है। इसके लिए नगर निगम के माध्यम से मांगी गयी जानकारियों, पीएम रिपोर्ट आदि की कापी संलग्न करते हुए आवेदन करना होता है।

यह है व्यवस्था

अभी लावारिस लाशों के कफन से लेकर दफन तक की जिम्मेदारी पुलिस और कुछ सामाजिक संगठन मिलकर उठाते हैं। पुलिसकर्मी कफन के इंतजाम से लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी तक पहुंचाता है। फिर दफन से पहले जो कफन, पॉलिथिन और गड्ढा खोदने का इंतजाम एक सामाजिक संस्था करती है।

दफन के लिए 600 रुपए की मदद

एक निजी संस्था भदभदा विश्राम घाट में ही लावारिस लाशों के दफन के लिए में 600 रुपए की आर्थिक मदद देती है। इसके लिए पुलिस को आवेदन करना पड़ता है। कई बार मानवीयता को देखते हुए पुलिसकर्मी अपनी जेब से ही लावारिस लाशों के दफनाने की राशि खर्च करते हैं।

सरकारी योजना चल रही है तो हमें जानकारी नहीं

लावारिस लाशों के लिए दफन-कफन का नगर निगम की तरफ से कोई प्रावधान नहीं है। निगम के पास अब तक ऐसा कोई आवेदन पत्र भी नहीं आया। यदि कोई सरकारी योजना चल रही है तो इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है।

-हरेंद्र नारायण, कमिश्नर, नगर निगम भोपाल

लावारिस लाशों के अंतिम संस्कार को लेकर अभी कोई व्यवस्था नहीं

राज्य सरकार की अंत्येष्टि योजना से गरीब और आश्रित लोगों के अंतिम संस्कार की मदद की सहायता की जाती है। लावारिस लाशों के अंतिम संस्कार को लेकर अभी कोई व्यवस्था नहीं है। न ही इसके लिए कोई फंड आता है ।

-रणवीर सिंह, एडिशनल कमिश्नर, नगर निगम

प्रशासन के पास अलग से कोई फंड नहीं

लावारिस लाशों के अंतिम संस्कार के लिए जिला प्रशासन के पास अलग से कोई फंड नहीं है। हां, रोगी फंड से मदद की जा सकती है। जिला प्रशासन से लावारिस लाश के अंतिम संस्कार के लिए मदद मांगी जाएगी तो सहायता की जाएगी।

-कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर, भोपाल

कफन की व्यवस्था के लिए आवेदन करना होता है

लावारिस लाशों और गरीबों की मृत्यु पर हमारी संस्था पिछले 30 साल से कफन की व्यवस्था कर रही है। इसके लिए आवेदन करना होता है।

-रश्मि बाबा, सचिव प्रेरणा संस्थान

पुलिस आर्थिक मदद के लिए आवेदन करती है

लावारिस लाश के अंतिम संस्कार के लिए हमें शासन से कोई फंड नहीं मिलता। पुलिस आर्थिक मदद के लिए आवेदन करती है तो संस्था 600 रुपए देती है।

-राधेश्याम अग्रवाल, अध्यक्ष, जनसंवेदना

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