
सावधान! भोपाल में फेल रहा साइबर ठगी का जाल (Photo Source- Patrika)
Bhopal News :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साइबर ठगों ने शेयर मार्केट और आइपीओ में मोटे मुनाफे का लालच देकर एक बुजुर्ग को 1 करोड़ 6 लाख 60 हजार रुपए की चपत लगा दी है। मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच अधिकारी रमन शर्मा ने बताया कि, बरखेड़ी सूरजनगर स्थित आधुनिक गृह निर्माण सहकारी संस्थान के में रहने वाले 60 वर्षीय लाखन लाल उईके को 20 अप्रैल 2025 को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से मैसेज मिला था। मैसेज भेजने वाली महिला ने खुद का नाम इशिता बताते हुए जेरोधा सक्सेस हब कंपनी की असिस्टेंट बताया। इसके बाद फरियादी को जेरोधा सक्सेस हब के नाम से बने वाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया था।
शुरुआत में फरियादी ने एक लाख रुपए निवेश किए। ऐप में निवेश राशि और कथित मुनाफा दिखाई देने लगा, जिससे उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें शेयर बाजार बंद होने के बाद कम कीमत पर बड़े शेयर उपलब्ध कराने और आइपीओ के प्री-लिस्टिंग शेयर दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद ठगों ने मल्टीनेशनल कंपनियों के अधिक शेयर आवंटित करने का दावा करते हुए 7.51 लाख रुपए जमा कराए गए।
इसी तरह से प्लानिंग बनाते हुए शेयर खरीदारी और ज्यादा मुनाफा दिखाते हुए 12 लाख, 2 लाख, 3 लाख, 5 लाख समेत अलग-अलग प्लान बताकर बार - बार रुपए निवेश करवाते गए। इस पूरे प्रक्रिया में बुजुर्ग से 10 बैंक खाते में 1 करोड़ 6 लाख 60 हजार 23 रुपए ट्रांसफर करा लिया था।
उन्होंने बताया कि, ग्रुप में संचालकों ने दावा किया कि उनकी टीम बल्क ट्रेङ्क्षडग और आइपीओ निवेश की विशेषज्ञ है और निवेशकों को प्रतिदिन 10 प्रतिशत तक लाभ देती है। वहीं कई दिनों तक ग्रुप की गतिविधियां देखने के बाद लाखन लाल ने निवेश किया। आरोपियों ने उन्हें एक लिंक भेजकर रजिस्ट्रेशन कराया और बाट वीकाइट नाम का एक ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाया। इसके बाद आइडी और पासवर्ड बनाकर लॉगिन कराया गया।
फरियादी ने बताया कि जब उन्होंने निवेश राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो उनसे और पैसे जमा करने की मांग की गई। जालसाज आरोपियों ने कहा कि आवंटित शेयरों का पूरा भुगतान नहीं करने पर पहले से जमा राशि भी वापस नहीं मिलेगी। ठगों की बातों पर शक हुआ तो ग्रुप एडमिन और अन्य सदस्यों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी का फोन नहीं लगा।
शिकायत के अनुसार, ठगी के लिए 100 से अधिक मोबाइल नंबरों, फर्जी ट्रेडिंग ऐप और कई बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। साइबर अपराधियों ने को-ऑपरेटिव बैंक, बंधन बैंक, डीबीएस बैंक, आइडीएफसी बैंक, इंडियन बैंक, आईडीबीआई बैंक और राजस्थान मरु धरा ग्रामीण बैंक सहित विभिन्न खातों में अलग-अलग किस्तों में रकम ट्रांसफर कराई।
Updated on:
9 Jun 2026, 6:45 AM IST
Published on:
9 Jun 2026, 6:45 AM IST
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