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पेंशनर्स को भी मिलेगा 5% महंगाई भत्ता ! सीएम से लगाई गुहार

MP News: नाराज और निराश पेंशनर्स ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है। पत्र भी लिखा है कि उन्हें भी पांच प्रतिशत महंगाई राहत दी जाए।

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CG News: पेंशनर ने की एरियर्स, महंगाई राहत का आदेश जारी करने की मांग...(photo-patrika)

CG News: पेंशनर ने की एरियर्स, महंगाई राहत का आदेश जारी करने की मांग...(photo-patrika)

MP News: महंगाई राहत (डीआर) मामले में राज्य सरकार ने पेंशनर्स को निराश किया है। मध्यप्रदेश राज्य के कर्मचारियों को हाल ही में पांच प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता (डीए) दिया गया, लेकिन पेंशनर्स को मात्र तीन प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई राहत दी गई। इससे नाराज और निराश पेंशनर्स ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है। पत्र भी लिखा है कि उन्हें भी पांच प्रतिशत महंगाई राहत दी जाए। साथ ही आग्रह किया है कि मुख्यमंत्री इस मामले में हस्तक्षेप करें।

वित्त विभाग द्वारा हाल ही में शासकीय सेवकों को 1 जुलाई 2024 से तीन प्रतिशत एवं 1 जनवरी 2025 से दो प्रतिशत महंगाई भत्ते के एरियर्स सहित भुगतान आदेश जारी किए हैं, लेकिन प्रदेश के पेंशनरों/परिवार पेंशनरों को 1 जुलाई 24 के स्थान पर 1 मार्च 2025 से तीन प्रतिशत महंगाई राहत देने के आदेश जारी किए गए। पेंशनरों ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

आर्थिक शोषण का आरोप

पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ की सहमति के नाम पर सरकार कई वर्षों से पेंशनर्स का आर्थिक शोषण कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने दोनों सरकारों पर मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 अनुसूची 6 को पेंशनर्स पर थोपने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब दोनों राज्य नवंबर 2000 से बिना सहमति पेंशन दे रहे हैं तो महंगाई राहत देने से पहले दोनों की सहमति क्यों ?

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स्पष्ट है कि सहमति के नाम पर दोनों राज्य संविधान विरोधी आदेश कर पेंशनरों के साथ भेदभावपूर्ण बर्ताव कर रहे हैं। सक्सेना ने मुख्यमंत्री से इसमें हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं भोपाल के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने सहमति के प्रावधान को संविधान विरुद्ध बताते हुए वित्त मंत्री से अधिनियम का परीक्षण कर सार्वजनिक करने की मांग की है।