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MP News: संपदा 2.0 से जमीन की खरीदी-बिक्री आसान हो गई है। सॉफ्टवेयर को राष्ट्रीय पर ई-गवर्नेंस गोल्ड अवार्ड मिला है। भोपाल में संपदा 2.0 की वजह से लोग घर बैठे ई-रजिस्ट्री करवा रहे हैं। और जमीन संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन भी आसानी से हो रहा है। 100 प्रतिशत दस्तावेजों के डिजिटलीकरण होने से यह काम आसान हुआ है।
कृषि भूमि के खसरे के अंतरण के दस्तावेज रजिस्टर्ड होने और रेवेन्यू केस मैनेजमेंट सिस्टम (आरसीएमएस) के उपयोग से साइबर तहसीलों में स्वत: नामांतरण होना भी शुरू हो गया है। अब 50 मिनट में रजिस्ट्री हो रही है। हर महीने राजधानी में 100 से ज्यादा पंजीयन इसके जरिए हो रहे हैं।
संपदा 0.1 के मुकाबले नया सॉफ्टवेयर जमीनी की खरीदी-बिक्री को आसान बनाने में लोगों की मदद कर रहा है। इसके लिए लॉगिन आइडी होल्डर संबंधित जमीनों की जानकारी देकर घर बैठे रजिस्ट्री का मसौदा प्राप्त कर सकते हैं। इसे अप्रूव करने के साथ ही रजिस्ट्री की तारीख और समय भी मोबाइल पर एसएमएस के जरिए बता दिया जाता है। संपदा सॉफ्टवेयर से सब रजिस्ट्रेशन ऑफिस में उपस्थित होने की जरूरत नहीं है। रजिस्टर्ड डॉक्यूमेंट डीमैट दस्तावेज में परिवर्तन हो जाता है।
संपदा 2.0 के जरिए 140 प्रकार के दस्तावेजों में से 75 दस्तावेजों की रजिस्ट्री के लिए अब सब-रजिस्ट्रार ऑफिस लोग नहीं आ रहे हैं। वीडियो केवाईसी के माध्यम से फेसलेस पंजीयन की सुविधा दी गई है। इस सॉफ्टवेयर में जीआईएस तकनीक समेत कई आधुनिक डिजिटल फीचर्स जोड़े गए हैं। कोई भी व्यक्ति कहीं से भी, कभी भी ई-स्टांप प्राप्त कर सकता है और मोबाइल ऐप पर तुरंत किसी भी क्षेत्र की गाइडलाइन दरें देख सकता है।
Updated on:
10 Aug 2025 10:55 am
Published on:
10 Aug 2025 10:55 am
