
पहली बार ड्रोन की मदद से बनाया ग्रीन कॉरिडोर
भोपाल. गंभीर रूप से बीमार एक महिला की जान बचाने के लिए मानो पूरा शहर ही एक हो गया. महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलैंस को रास्ता देने के लिए लोग सड़क छोड़ते रहे. इसके लिए शहर में पहली बार ड्रोन की मदद से ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. इस तरह बीमार महिला को बिना किसी अवरोध के कई किमी दूर अस्पताल मिनटों में पहुंचा दिया.
यातायात पुलिस ने बुधवार को गंभीर रूप से बीमार एक महिला को निजी अस्पताल से रेडक्रास अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया. सड़क पर वाहनों की रेलमपेल के बीच पुलिस ने यातायात को सुगम बनाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया. इसके लिए 50 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया. इसके बाद एंबुलैंस लालघाटी स्थित अस्पताल से रेडक्रास अस्पताल पहुंची और महिला को भर्ती कराया.11 किलोमीटर का रास्ता महज 9 मिनट में तय किया गया.
डाक्टरों के मुताबिक लालघाटी इलाके में रहनेवाली रेनू खरे की हार्निया की सर्जरी हुई थी. इसके बाद उनका बीपी बढ़ गया था. 61 साल की रेनू खरे के कई अंगों ने भी काम करना बंद कर दिया था. निजी अस्पताल में सीटी एंजियोग्राफी की व्यवस्था नहीं थी, ऐसे में उन्हें रेडक्रास अस्पताल में शिफ्ट किया गया.
यातायात के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त संदीप दीक्षित ने बताया कि शाम 6 बजे अचानक मरीज को रेडक्रास अस्पताल में भेजे जाने की जरूरत बताई गई. शाम को ट्रैफिक के बीच 11 किमी लंबा रास्ता ग्रीन कॉरिडोर में तब्दील करना कठिन काम था. इसलिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया.
ऐसे संभाला यातायात
पीक आवर्स को देखते हुए ग्रीन कारिडोर से जिस प्वाइंट पर एंबुलैंस पहुंच रही थी उसकी सूचना पहले से ही संबंधित पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों को दी जा रही थी. ज्यादा देर तक लोगों को खड़े होकर इंतजार न करना पड़े , इसके लिए यह व्यवस्था बनाई गई. अंतत: यह तकनीक काम आई और मरीज महिला को समय रहते हुए अस्पताल पहुंचा दिया गया.
Published on:
16 Dec 2021 12:43 pm
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