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ताजी दर्शाने के लिए पेट्रोलियम जेली, साइज बढ़ाने के लिए लगा रहे खतरनाक ऑक्सीटोसिन

फलों और सब्जियों में ज्यादा पेस्टीसाइड की प्रदेश में पहली बार होगी जांच, एक साल बाद फल-सब्जियों की जांच करने 25 सैंपल लिए

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सब्जियों में ज्यादा पेस्टीसाइड की प्रदेश में पहली बार होगी जांच

भोपाल. सब्जियों, फलों में खतरनाक केमिकल्स मिलाए जा रहे हैं। ताजी दर्शाने के लिए पेट्रोलियम जेली लगाई जा रही है जबकि इनके साइज बढ़ाने के लिए खतरनाक ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगा रहे हैं। हालांकि अब खाद्य सुरक्षा विभाग ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर रहा है। फल-सब्जियों की जांच करने 25 सैंपल लिए गए हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग का अमला आखिरकार सालभर बाद जाग गया है। सब्जियों, फलों की जांच फिर शुरू हो गयी है। कोलार में नाले के पानी में सब्जी धोने का वीडियो वायरल होने के बाद भी जिले में सब्जी के सैंपल नहीं हुए थे। सोमवार को अचानक कई टीमों को बाजार में उतरने से हड़कंप मच गया। जिनके सैंपल लिए गए हैं प्रदेश में पहली बार फल-सब्जियों में सामान्य परीक्षणों के साथ पेस्टिसाइड का टेस्ट होगा। ताबड़तोड़ छापेमारी में आधा दर्जन से अधिक टीमों ने 25 सैंपल फल-सब्जियों के लिए।

सब्जियों पर कहीं पॉलिश तो नहीं की गयी
खाद्य सुरक्षा प्रशासन की इस कार्रवाई से पता लगेगा कि फल-सब्जियों पर रंग का प्रयोग करके या फिर पॉलिश आदि के माध्यम से ताजा दिखाने की कोशिश तो नहीं की जा रही। जैसा कि पिछले कुछ दिनों से शिकायत मिल रही है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि सब्जियों पर प्रयोग होने वाले कीटनाशक की स्थिति कैसी है। कहीं यह कीटनाशक मानक से अधिक तो नहीं है जो लोगों की सेहत के लिए अधिक हानिकारक साबित हो सकता है।

इनके लिए सैंपल
सैंपल बिट्टन मार्केट से फूल गोभी, पत्ता गोभी, कंदूरी, लौकी, मैथी, शिमला मिर्च, शॉवर फ्रूट, भिंडी, एप्पल, करेला, परवल, एप्पल बेर, सन्तरा, खरबूजा तथा अंगूर आदि के लिए गए हैं।

सब्जियों में इनका प्रयोग
पेस्टीसाइड- कीटों से बचाव के लिए
तेलीय पदार्थ- चमक लाने के लिए
पेट्रोलियम जेली- ताजगी दर्शाने के लिए
ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन- ग्रोथ बढ़ाने के लिए

केमिकल के उपयोग की आशंका
जिला अभिहित अधिकारी डीके वर्मा बताते हैं कि सब्जियों में खतरनाक केमिकल का उपयोग तो नहीं हो रहा, ऐसी शंका के चलते शहर में कई मंडियों में सैंपल कराए गए हैं। सैंपल प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। इससे केमिकल और पेस्टिसाइड कितनी मात्रा पता चलेगा। रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।