
भोपाल। नए साल में हर दिन बढ़ने वाले पेट्रोल के दामों ने सोमवार को एक जोर का झटका धीरे से दिया है। जिसके चलते पेट्रोल व डीजल के रेट एकाएक बढ़ गए हैं। जो अब जनता की नजर में भी आ गए हैं।
जानकारों के मुताबिक इससे पहले तक नए साल में हर रोज बढ़ने वाले दाम जनता की नजरों से काफी हद तक छुपे रहते थे। क्योंकि हर रोज चंद पैसे का इजाफा किया जा रहा था, जो एकाएक नजर नहीं आ रहा था। लेकिन अचानक बढ़े इस करीब 1 रुपए ने लोगों की नजरों में जगह बना ली है।
दरअसल नए साल यानि 2018 में हर दिन बढ़ रहे पेट्रोल के दामों में 1 जनवरी से ही कभी 19 पैसे कभी 16 पैसे तो कभी 5 पैसे का हर रोज इजाफा हो रहा था। इस दौरान एक बार भी न तो रेट स्थिर हुए और न ही ऐसा हुआ कि किसी दिन रेट में कमी आयी हो।
धीरे धीरे बढ़ रहे इन रेटों में सोमवार को लागू हुए सेस ने एक तेज झटका दिया, जिसके चलते हर रोज चंद पैसे बढ़ने वाले पेट्रोल के दामों में एकाएक यानि एक ही दिन में करीब 1 रुपए तक की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं डीजल में 76 पैसे का इजाफा हुआ है। कीमतों में बदलाव हर सुबह 6 बजे होता है।
ऐसे समझे नए साल यानि 2018 में पेट्रोल-डीजल में वृद्धि की दर....
पेट्रोल कीमतें:
दिनांक - रेट (प्रति लीटर) - वृद्धि हुई
29 जनवरी 2018 - ₹ 78.63 - ₹ 0.85
28 जनवरी 2018 - ₹ 77.78 - ₹ 0.05
27 जनवरी 2018 - ₹ 77.73 - ₹ 0.10
26 जनवरी 2018 - ₹ 77.63 - ₹ 0.14
25 जनवरी 2018 - ₹ 77.49 - ₹ 0.06
24 जनवरी 2018 - ₹ 77.43 - ₹ 0.05
23 जनवरी 2018 - ₹ 77.38 - ₹ 0.15
22 जनवरी 2018 - ₹ 77.23 - ₹ 0.15
21 जनवरी 2018 - ₹ 77.08 - ₹ 0.19
डीजल कीमतें:
29 जनवरी 2018 - ₹ 67.53 - ₹ 0.76
28 जनवरी 2018 - ₹ 66.77 - ₹ 0.10
27 जनवरी 2018 - ₹ 66.67 - ₹ 0.11
26 जनवरी 2018 - ₹ 66.56 - ₹ 0.12
25 जनवरी 2018 - ₹ 66.44 - ₹ 0.16
24 जनवरी 2018 - ₹ 66.28 - ₹ 0.19
23 जनवरी 2018 - ₹ 66.09 - ₹ 0.20
22 जनवरी 2018 - ₹ 65.89 - ₹ 0.18
21 जनवरी 2018 - ₹ 65.71 - ₹ 0.21
इसलिए लगाया सेस...
कहा जा रहा है प्रदेश में सड़क और मेट्रो रेल परियोजना के काम को गति देने के लिए सरकार पेट्रोल और डीजल पर सेस लगाया है। यह भाव पर एक फीसदी (लगभग पचास पैसे प्रति लीटर) लगना था, लेकिन इसके बावजूद सोमवार यानि 29 जनवरी 2018 को खुले पेट्रोल के दामों में सेस लगते ही करीब 1रुपए का उछाल आ गया। सरकार को सेस से करीब साढ़े तीन सौ करोड़ रुपए की आय होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई कैबिनेट में अध्यादेश लाने को मंजूरी दी गई थी। जिसके बाद इसे सोमवार से लागू किया गया।
इससे पहले कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि सरकार ने सड़क और मेट्रो रेल परियोजना के कामों को गति देने के लिए सेस लगाने का फैसला किया है।
इसके लिए मप्र हाई स्पीड डीजल उपकर और मप्र मोटर स्प्रिट उपकर अध्यादेश लाया जाएगा। यह कीमत पर एक फीसदी होगा।
ऐसे समझें सेस का गणित...
सूत्रों के मुताबिक प्रदेश सरकार को पिछले साल (2016-17) पेट्रोल, डीजल और एयर ट्रेफिक फ्यूल पर कर से आठ हजार 903 करोड़ रुपए मिले थे। इस वर्ष अभी तक इन तीनों से छह हजार 562 करोड़ रुपए की आय हो चुकी है। वेट में कमी करने से करीब दो हजार करोड़ रुपए का राजस्व घटने का अनुमान है।
इसे देखते हुए एक फीसदी सेस लगाया जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि डीजल से करीब 300 और पेट्रोल से 60 से 70 करोड़ रुपए तक राजस्व मिल सकता है। वहीं कुछ जानकारों का यह भी कहना है कि लगातार बिगड़ रही प्रदेश की माली हालत को सुधारने व लगातार कर्ज लेने के चलते सरकार की ओर से यह सेस लगाया गया है।
कांग्रेस करेगी विरोध...
इधर, मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाए जाने को लेकर कांग्रेस जल्द ही प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने इस सिलसिले में पार्टी के व्यापारी प्रकोष्ठ के साथ चर्चा कर विरोध की रणनीति तैयार की है।
दीपक बावरिया की मानें तो पेट्रोल-डीजल के साथ साथ जीएसटी के विरोध में भी कांग्रेस विरोध प्रदर्शन तेज करेगी। कांग्रेस ने जनभावनाओं से जुड़े इस मामले को जोर-शोर से उठाने की कवायद शुरू कर दी है। इसी कड़ी में भाजपा सरकार पर आक्रमक रणनीति के तहत विरोध प्रदर्शन के जरिए हल्ला बोला जा रहा है।
ज्ञात हो कि, मध्य प्रदेश में रविवार रात 12 बजे से पेट्रोल-डीजल एक बार फिर महंगा हो गया है। राज्य सरकार ने पेट्रोल-डीजल के रिटेल सेल प्राइज पर सोमवार से सेस लगाने की अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार ने उपकर के लिए अध्यादेश का प्रकाशन 16 जनवरी को कर दिया था, लेकिन इसके नियम बनने में देर होने के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका था।
Published on:
29 Jan 2018, 10:46 AM IST
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