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फफक कर रो पड़ी बहन, बोली, प्रधानमंत्री जी, मेरा भाई कतर जेल में… उसे वापस ले आइए…

MP News: भारतीय नौ सेना के पूर्व अधिकारी की बहन मीतू ने पत्रिका को सुनाया दर्द, बोली...जिस कंपनी के लिए उनके भाई कतर गए थे, वहां कार्यरत 8 अफसरों को हिरासत में लिया गया था। भारत सरकार के प्रयासों से 7 अफसरों को मृत्युदंड से मुक्त कर रिहा किया गया, पर मेरे भाई को नहीं छोड़ा, अब सरकार से उम्मीद...

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MP news Navy Officer Sister Appeal To pm Modi

MP news Navy Officer Sister Appeal To pm Modi: इनसेट: पूर्व नेवी ऑफिसर पुणेंद्र तिवारी(patrika। PM Modi(photo: ANI)

MP News:'प्रधानमंत्री जी, मेरे भाई को कतर (दोहा) की जेल से भारत वापस ले आइए।' यह अपील एक बहन के भरे गले से निकली है। कतर की जेल में बंद पूर्व नौसेना अधिकारी पुणेन्द्र तिवारी की बहन मीतू भार्गव ने 'पत्रिका' के माध्यम से पीएम नरेंद्र मोदी से भाई की रिहाई के लिए हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।

सुषमा स्वराज और पूर्व राष्ट्रपति कर चुके हैं सम्मानित

मीतू ने कहा, जिस कंपनी के लिए उनके भाई कतर गए थे, वहां कार्यरत 8 अफसरों को हिरासत में लिया गया था। भारत सरकार के प्रयासों से 7 अफसरों को मृत्युदंड से मुक्त कर रिहा किया गया, पर मेरे भाई को नहीं छोड़ा। उन्हें 1 दिसंबर को जेल में डाल दिया। पुणेन्द्र ने वर्षों तक देश की सेवा की है। उन्हें पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों सम्मान मिला था। तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उन्हें सम्मानित किया था। 2019 में उन्हें प्रवासी भारतीय सम्मान से नवाजा गया।

बचपन से ही भाई में था देश सेवा का जज्बा

मीतू का कहना है कि बचपन से ही उनके भाई के मन में देश सेवा की भावना रही है। उन्होंने कतर की सरकार से भी मानवीय आधार पर अपील की है कि एक बहन को उसका भाई लौटा दें। मीतू कहती हैं, अगर मेरा भाई सुरक्षित लौट आया, तो मैं जीवनभर आभारी रहूंगी। भाई ने हमेशा देश को सर्वोपरि रखा, आज वही देश से मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं। मीतू ने कहा कि मैं बस इतना चाहती हूं कि भाई जल्द लौट आएं, ताकि इस बार उनके हाथों पर राखी बांध सकूं। (MP News)

सरकार से उम्मीद

मीतू ने बताया कि उनका परिवार लगातार भारत सरकार के संपर्क में है। भाई की रिहाई और सुरक्षित वतन वापसी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। हमें भरोसा है कि देश अपने उस सिपाही को अकेला नहीं छोड़ेगा, जिसने पूरी निष्ठा से भारत की सेवा की है।