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अगर नहीं बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम तो जल्द ही कंगाल हो जाएंगी पेट्रोलियम कम्पनियां, सरकार ले रही है आपसे इतना टैक्स

जानकारों का मानना है कि, अगर आगामी 6 महीनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई गई तो ऑयल कंपनियां कंगाल हो जाएंगी।

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अगर नहीं बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम तो जल्द ही कंगाल हो जाएंगी पेट्रोलियम कम्पनियां, सरकार ले रही है आपसे इतना टैक्स

भोपाल. देश के 5 राज्यों में चुनावी परिणाम सामने आने के बाद, अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर चिंतन शुरू हो गया है। इसके पीछे कारण ये है कि, अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। लेकिन, पेट्रोलियम कंपनियां पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रखे हुए हैं। जानकारों का मानना है कि, अगर आगामी 6 महीनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई गई तो ऑयल कंपनियां कंगाल हो जाएंगी। बता दें कि, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बीते तीन माह से पेट्रोल की कीमत 107.23 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल की कीमत 90.87 रुपये प्रति लीटर है।

ऐसा माना जा रहा है कि, देश के पांच राज्यों में हुए चुनावों के चलते सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी नहीं होने दी है। लेकिन, चुनावी परिणाम सामने आने के बाद पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ोतरी के अटकलें तेज हो गई हैं। दूसरी तरफ पेट्रोल पंप व्यवसाय से जुड़े एक्सपर्ट भी मान रहे हैं कि, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाना अब सरकार की मजबूरी बन गया है। अगर आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते हैं तो, पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए अपनी जेब और ढीली करनी पड़ेगी।

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करना पड़ सकता है भारी नुकसान का सामना

बता दें कि, ऑल इंडिया पेट्रोल पंप एसोसिएशन के सेक्रेटरी गोपाल माहेश्वरी का कहना है कि, मौजूदा समय में देशभर में मध्य प्रदेश ही एक ऐसा राज्य है, जहां पेट्रोल-डीजल पर सबसे अधिक टैक्स वसूला जा रहा है। ऐसे में अग कीमतें बढ़ती हैं तो इसका सबसे अधिक प्रभाव भी इसी राज्य के नागरिकों पर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि, मौजूदा समय में लगातार गिर रही वैश्विक महंगाई की वजह से ऑयल कंपनियों को भारी नुकसान का सामना रना पड़ रहा है। क्योंकि, मौजूदा समय में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, लेकिन ऑयल कंपनियों के रेट स्थिर बने हुए हैं। ऐसे में ऑयल कंपनियों को प्रति लीटर करीब 12 रूपए का नुकसान हो रहा है।


सरकार तलाश रही है विकल्प

हालांकि, कंपनियों को हो रहे भारी नुकसान से बचाने के साथ साथ देशवासियों को को भी राहत पहुंचाने के रास्ते सरकार द्वारा लगातार तलाश किये जा रहे हैं। गोपाल माहेश्वरी ने कहा कि, इसके लिए सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम में कुछ बढ़ोतरी कर सकती है, जबकि दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले टैक्स को कम करके सरकार कीमतों में तालमेल बैठाने के विकल्प तलाश रही है। हालांकि, जल्द ही इसके परिणाम सामने आ जएंगी।

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राज्य सरकार लगाती है इतना टैक्स

बता दें कि, मौजूदा समय में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बीते तीन माह से पेट्रोल की कीमत 107.23 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल की कीमत 90.87 रुपये प्रति लीटर है। हालांकि, बीपीसीएल, एचपी, इंडियन ऑयल कंपनी के दामों में कुछ भिन्नता जरूर हो सकती है। ऐसे में अगर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ते हैं तो इसका असर सभी आयल कंपनियों पर सीधा पड़ेगा। ऑल इंडिया पेट्रोलियम एसोसिएशन के सदस्य रवि लोहिया के अनुसार, पेट्रोल पर मध्य प्रदेश सरकार 29 फ़ीसद टैक्स लगाती है, जबकि ढाई रुपए सेस और 1 फीसद सरचार्ज लगाती है। इसी तरह डीजल पर 19 फ़ीसदी टैक्स और डेढ़ रुपये सरचार्ज और 1 फ़ीसदी सेस टैक्स के रूप में लिया जाता है।


इतना कर वसूलती है केन्द्र सरकार

इससे पहले केंद्र सरकार भी पेट्रोल-डीजल पर भारी कर वसूलती है। पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार सेंट्रल एक्साइज टैक्स के रूप में पेट्रोल पर 27.95 रूपए और डीजल पर 21.83 रूपए वसूलती है। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि, दाम अधिक नहीं बढ़ाए जाएंगे, लेकिन आगामी दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी होने संभावना प्रबंल है।

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