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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा ‘जहरीला कचरा’, एमपी सरकार से मांगा जवाब, जारी किया नोटिस

Pithampur Toxic Waste Case in Supreme Court: भोपाल गैस त्रासदी के कचरे का पीथमपुर में निपटारा प्रकरण पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, मोहन सरकार से मांगा जवाब

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Pithampur Toxic Waste Case in Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल गैस त्रासदी से संबंधित यूनियन कार्बाइड के खतरनाक रासायनिक कचरे को पीथमपुर ले जाकर निपटारे के मामले में मध्यप्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के दो आदेशों के खिलाफ अपील पर सोमवार को यह नोटिस जारी किया।

हाईकोर्ट ने गत दिसंबर में जहरीले कचरे को न हटाए जाने को दुखद स्थिति करार देते हुए साइट को तुरंत साफ करने और के सुरक्षित निपटारे के निर्देश दिए थे वहीं 6 जनवरी के आदेश में पीथमपुर संयंत्र में कचरा निपटान के बारे में मीडिया को गलत सूचना प्रकाशित नहीं करने का निर्देश दिया था।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने दलील दी कि हाईकोर्ट ने आदेश जारी करने से पहले कोई एडवाइजरी जारी नहीं की जबकि यह खतरनाक रासायनिक कचरा है। राज्य सरकार के हलफनामे के हवाले से यह भी कहा गया कि पीथमपुर के आसपास लोगों की बस्ती है, जो जहरीले कचरे को जलाने के दौरान निकलने वाली गैसों के दुष्प्रभावों के संपर्क में आ सकते हैं।

तारापुरा गांव के लोगों को स्थानांतरित भी नहीं किया जा रहा। पास ही स्थित गंभीर नदी के पानी के प्रदूषित होने का भी खतरा है। सार्वजनिक स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए विनाशकारी परिणाम उत्पन्न कर सकता है।

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