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सच्चाई का वीडियो आया सामने! स्ट्रेचर पर पड़ी शिवम की लाश से निकाले गए अंगूठी, चेन और पर्स , देखें वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा शिवम मिश्रा का वीडियो

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स्ट्रेचर पर पड़ी शिवम की लाश से निकाले गए अंगूठी, चेन और पर्स सच्चाई का वीडियो आया सामने

भोपाल. बैरागढ़ थाना पुलिस हिरासत में शिवम मिश्रा की मौत मामले में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा। वीडियो में स्ट्रेचर पर रखी मृतक शिवम मिश्रा की लाश से पुलिस कांस्टेबल की मौजूदगी में एक युवक जेब से पर्स और मोबाइल, हाथ से अंगूठी और गले से चेन निकालकर दूसरे युवक को दे रहा। ये पूरा मामला एक विडियो में कैद किया गया है। जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा।

न्यायिक जांच में शामिल किया जाएगा वीडियो

मृतक शिवम मिश्रा के परिजन का आरोप है कि पुलिस ने शिवम की लाश से अंगूठी, चेन, पर्स और पैसे निकाले। जबकि पुलिस इस बात से इनकार करते नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद, अब कहा जा रहा है कि सच्चाई का वीडियो सामने आया है। पुलिस अब वीडियो को न्यायिक जांच शामिल करेगी। हालांकि वीडियो के आधार पर जानकारों का कहना है कि लाश से अंगूठी, चेन और पैसे मृतक के परिजन ही निकालते हुए नजर आ रहे। पुलिस ने अभी तक वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

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सीबीआई जांच कराने पर अड़े परिजन

शिवम मिश्रा के परिजन ने राज्यपाल से सीबीआइ जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि पुलिस ने सबूतों में छेड़छाड़ की है। पुलिस की मनगढंत कहानी से न्यायिक जांच प्रभावित हो सकती है। शिवम मिश्रा के मामा ह्देश भार्गव ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है।

एफआइआर में पिता का लिखा गलत नाम

इधर, शिवम मिश्रा की मौत के करीब 10 घंटे बाद उसके खिलाफ दर्ज हुई बैरागढ़ थाने की एफआइआर में पुलिस ने उसके पिता का नाम तक गलत लिखा है। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में भी पिता का नाम गलत है। शिवम मिश्रा के पिता का नाम सुरेश मिश्रा है, जबकि एफआइआर-पीएम रिपोर्ट में गोविंद मिश्रा लिखा है।

थाने के अंदर हुई मारपीट, बाहर के दिखाए फुटेज

घटना के दौरान शिवम मिश्रा के साथ पुलिस की बर्बरता का शिकार हुए गोविंद शर्मा ने कहा कि पुलिस अफसर दोषी पुलिसकर्मियों को बचाने में जुटे हैं। पुलिस ने जो सीसीटीवी फुटेज मीडिया को दिखाए, वे थाने के बाहर के हैं, जबकि मारपीट अंदर की गई है। गोविंद को आशंका है कि पुलिस मारपीट के फुटेज नष्ट कर सकती है। गोविंद ने बताया कि जज के समक्ष उसके बयान हो गए हैं। उसने दोषी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने के बाद हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है।

शिवराज सिंह चौहान ने दिया धरना

शिवम मिश्रा की मौत के मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था और शिवम मिश्रा के परिवार को न्याय दिलाने को लेकर भारत माता चौराहे पर धरना दिया। इस दौरान मृतक के परिजन और शिवराज के साथ उनकी पत्नी साधना सिंह, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुत्ता, घायल दोस्त गोविंद शर्मा भी मौजूद रहे। शिवराज सिंह चौहान ने सरकार को एक सप्ताह की मोहलत देते हुए कहा कि न्याय नहीं मिला तो राजधानी में आंदोलन खड़ा करेंगे। धरने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर राज्यपाल आनंदीबेन को ज्ञापन सौंपा।

ये है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, पुलिस रेडियो कॉलोनी, भदभदा निवासी शिवम मिश्रा (25) इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। उसके पिता सुरेश मिश्रा साइबर सेल मुख्यालय में एएसआई हैं। बीते 18 जून मंगलवार रात करीब 11 बजे शिवम कार से दोस्त गोविंद शर्मा के साथ होटल में खाना खाने के लिए बैरागढ़ की तरफ जा रहा था।

इस बीच कार बीआरटीएस लेन के बेरीकेड्स से टकरा गई। मौके पर पहुंची बैरागढ़ थाने की डायल-100 टीम शिवम-गोविंद को थाने लेकर आई। जहां, पुलिसकर्मियों से दोनों की कहासुनी हो गई। गोविंद ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने पूछताछ के दौरान दोनों से 3 घंटे तक मारपीट की और इसी से शुभम की मौत हो गई। गोविंद को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।