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एमपी उपचुनाव- मुंगावली में कौन मारेगा बाजी, क्या है सीट का इतिहास ?

अशोकनगर जिले की मुंगावली सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले जानिए कब किसने और कितने वोटों से यहां दर्ज की जीत...

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अशोकनगर. मध्यप्रदेश की जो 28 सीटें प्रदेश की सरकार का फैसला करेंगी उनमें से एक है ग्वालियर संभाग में आने वाले अशोकनगर जिले की मुंगावली विधानसभा सीट। जैसा कि माना जा रहा है कि ग्वालियर चंबल अंचल की सीटें प्रदेश की सत्ता की चाबी हैं। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों में से जो भी पार्टी इन सीटों को जीतने में कामयाब होगी वो प्रदेश के सत्ता के सिंहासन पर आसीन होगी। ऐसे में मुंगावली सीट भी काफी अहम मानी जा रही है, सीट की अहमियत इसलिए भी है क्योंकि मुंगावली सीट ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाववाली सीटों में से एक मानी जाती रही है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस का हाथ छोड़ने के बाद बीजेपी का दामन थाम लेने के बाद उनके समर्थन में कांग्रेस छोड़ने वाले विधायकों में मुंगावली के मौजूदा विधायक बृजेन्द्र सिंह यादव भी शामिल थे और उन्होंने उन्होंने अपनी विधायकी से इस्तीफा दे दिया था। बृजेन्द्र सिंह यादव के इस्तीफा देने के कारण ही मुंगावली विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। प्रदेश की मौजूदा शिवराज सरकार में बृजेन्द्र सिंह यादव को राज्यमंत्री बनाया गया है।

मुंगावली सीट का चुनावी इतिहास
आजादी के बाद साल 1957 में अस्तित्व में आई मुंगावली विधानसभा सीट पर अब तक 14 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं और ये सीट पर होने वाला 15वां चुनाव है। मुंगावली विधानसभा सीट पर अब तक हुए चुनाव-

- सबसे पहले 1957 में सीट पर चुनाव हुआ था तब खलक सिंह प्रत्याशी अखिल भारतीय हिन्दू महासभा ने 142 वोटों से जीत दर्ज की थी।
- साल 1962 के विधानसभा चुनाव में चंद्रभान सिंह प्रत्याशी प्रजा सोशलिस्ट पार्टी ने 3745 वोटों से जीत दर्ज की थी।
- साल 1967 के चुनाव में सी. सिंह प्रत्याशी स्वतंत्र पार्टी ने 29428 वोटों से जीत दर्ज की।
- साल 1972 के चुनाव में गजरा सिंह प्रत्याशी भारतीय जनसंघ ने 6787 वोटों से जीत दर्ज की।
- साल 1977 के चुनाव में चंद्रमोहन रावत प्रत्याशी जनता पार्टी ने 1480 वोटों से जीत दर्ज की।
- साल 1980 के चुनाव में गजराम सिंह प्रत्याशी इंडियन नेशनल कांग्रेस (I) ने 9656 वोटों से जीत दर्ज की।
- साल 1985 के चुनाव में गजराम सिंह ने एक बार फिर इंडियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर 4377 वोटों से जीत दर्ज की।
- साल 1990 के चुनाव में देशराज सिंह प्रत्याशी बीजेपी ने 6894 वोटों से जीत दर्ज की।
- साल 1993 के चुनाव में आनंद कुमार पालीवाल प्रत्याशी इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 771 वोटों से जीत दर्ज की।
- साल 1998 के चुनाव में राव देशराज सिंह यादव प्रत्याशी बीजेपी ने 7736 वोटों से जीत दर्ज की।
- साल 2003 के चुनाव में गोपाल सिंह चौहान प्रत्याशी कांग्रेस ने 9576 वोटों से जीत दर्ज की।
- साल 2008 के चुनाव में बीजेपी के राव देशराज सिंह यादव ने 21045 वोटों से जीत दर्ज की।
- साल 2013 के चुनाव में कांग्रेस के महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा ने 20765 वोटों से जीत दर्ज की।
- साल 2018 के चुनाव में कांग्रेस के बृजेन्द्र सिंह यादव ने 2136 वोटों से जीत दर्ज की।

साल 2000 के बाद हुए 4 चुनावों में से 3 बार जीती कांग्रेस
मुंगावली विधानसभा सीट पर साल 2000 के बाद हुए चार विधानसभा चुनावों में से तीन चुनाव कांग्रेस ने जीते हैं लेकिन इस बार परिस्थितियां कुछ अलग हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव वाली मानी वाली सीट इस बार खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया के खेमा बदलने से सुर्खियों में हैं और इस बार यहां के समीकरण अलग नजर आ रहे हैं। 3 नवंबर को सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने मुंगावली में तैयारियों तेज कर दी हैं। कांग्रेस की तरफ से उपचुनाव के
लिए कन्हैयाराम लोधी को प्रत्याशी बनाया गया है तो वहीं बीजेपी की तरफ से अभी सीट पर उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं किया गया है संभावना है कि बृजेन्द्र सिंह यादव ही मुंगावली सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार होंगे।