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रेत के धंधे में राजनीतिक लोग, ये न पार्टी के हैं, न जनता के : कमलनाथ

- बैठक में सीएम ने दी रेत चोरी रोकने की हिदायत

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kamalnath news

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भोपाल. नई रेत नीति लागू करने के लिए हुई समीक्षा बैठक में सोमवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रेत चोरी रोकने की सख्त हिदायत दी। कमलनाथ ने कहा कि राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता इस धंधे में उतर आए हैं। ऐसे नेता न पार्टी के होते हैं और न जनता से इनको कोई सरोकार होता है। इनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
बैठक में एक वरिष्ठ अफसर ने कहा कि जिन बाहुबली विधायकों को ठेके नहीं मिलते, वे अवैध उत्खनन करते हैं। सरपंच और खनिज अधिकारी भी इनसे मिल जाते हैं। अफसर की बात पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिसे रेत का ठेका दिया जा रहा है, उसे ही चोरी रोकने की जिम्मेदारी दी जाए। इसमें स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए, जिससे वे बेहतर तरीके से अपनी खदानों से रेत चोरी रोक सकेंगे। बाहरी ठेकेदार पर स्थानीय रसूखदार दबाव बनाकर रेत चोरी कर रहे हैं, उस पर अंकुश लगेगा।

- जनता के सुझाव के बाद जारी करें पॉलिसी
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेत खदानों की पॉलिसी बनाने से पहले आम जनता से सुझाव लिए जाएं। जनता से सात दिन सुझाव लेने के बाद अगले 15 दिन में रेत पॉलिसी जारी कर रेत खदानों की नीलामी की जाए। खदानों की नीलामी में पारदर्शिता रखी जाए। हमारी रेत और गौण खनिज की नीति ऐसी बने, जिससे अवैध उत्खनन को सख्ती से रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने गौण खनिज नीति में परिवर्तन कर उसमें स्थानीय लोगों के हितों का ध्यान रखने को कहा। उन्होंने कहा कि नीति में इस बात का भी समावेश हो कि प्रदेश में उपलब्ध खनिज संपदा की प्रोसेसिंग भी प्रदेश में हो। इससे हमारे युवाओं को रोजगार मिलेगा और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। बैठक में खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल और वित्त मंत्री तरुण भनोत उपस्थित थे।

- लोगों की आपत्तियों पर होगा बदलाव
खनिज विभाग ने मुख्यमंत्री को प्रजेंटेशन के जरिए नई रेत नीति लागू करने की प्रक्रिया बताई। खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल ने कहा कि खनिज निगम की वेबसाइट पर खनिज नीति और सारी खदानों की जानकारी डाली गई है। इन पर लोगों के सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। सात दिन बाद खदानों को समूहों में बांट दिया जाएगा, जिनकी जानकारी भी ऑनलाइन दी जाएगी। सभी खदानें टेंडर के जरिए ही दी जाएंगी। टेंडर प्रक्रिया अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी। जनसुनवाई के जरिए लोगों के सुझाव और आपत्तियों के आधार पर नीति में परिवर्तन किया जाएगा। जायसवाल ने दावा कि नई रेत नीति के बाद अवैध उत्खनन पूरी तरह से बंद हो जाएगा।

- प्रदेश में बड़े पैमाने पर हो रहा अवैध उत्खनन
सरकार की चिंता प्रदेश में बड़े पैमाने पर हो रहा अवैध उत्खनन है। 30 जून के बाद रेत उत्खनन पर पूरी तरह रोक लग जाती है, लेकिन प्रदेश में रेत का अवैध कारोबार होता रहा है। मुख्यमंत्री ने इस बैठक में इस ओर भी इशारा किया कि भाजपा सरकार में भाजपा नेता ही अवैध उत्खनन करते रहे हैं, लेकिन सरकार बदली है तो खनन करने वाले लोग भी बदल गए हैं। जाहिर है उनका इशारा कांग्रेस नेताओं की ओर ही था। 'पत्रिकाÓ ने रेत के इस अवैध कारोबार की खबर को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद सरकार हरकत में आई और उसने अवैध उत्खनन रोकने के आदेश भी जारी किए। इस अवैध उत्खनन पर सुप्रीम कोर्ट भी प्रदेश को नोटिस जारी कर चुका है।