
एक हजार से ज्यादा लोकेशनों पर रेट बढ़ाने की तैयारी, पिछले वर्ष 733 लोकेशनों पर बढ़ाए थे जमीनों के रेट
भोपाल. राजधानी में इस बार भी जमीनों के अच्छे सौदे हो रहे हैं। वर्तमान वित्तिय वर्ष 2023-24 में ही करीब 1560 लोकेशनों से ज्यादा पर वर्तमान गाइडलाइन से अच्छी दरों पर रजिस्ट्री हुईं हैं। इसके आधार पर इस बार भी जमीनों के रेट बढ़ाने की तैयारी है। पिछले वर्ष भी अफसर लास्ट तक यही कहते रहे कि रेट नहीं बढ़ा रहे, इसके बाद भी नगर निगम सीमा में 544 लोकेशनों पर 1 से 25 फीसदी रेट बढ़ाए थे। बाकी लोकेशन ग्रामीण क्षेत्र में थीं। इस बार लोकसभा चुनाव के चलते अफसर खुलकर कुछ नहीं कर रहे, लेकिन अंदर ही अंदर राजस्व का लक्ष्य प्राप्त करने तैयारी पूरी कर ली है। इस बार भी प्रस्ताव में एक हजार से ज्यादा लोकेशनों पर रेट बढ़ाना प्रस्तावित किए जाने की तैयारी है। हालांकि अफसर इस बार लोकसभा चुनाव की आचार संहिता का असर कलेक्टर गाइडलाइन पर देख रहे हैं, ये एक अप्रेल को लागू न होकर एक मई को हो सकती है, लेकिन जमीनों के रेट इस बार भी बढ़ाए जा रहे हैं।
ये लोकेशन बनी हैं हॉट स्पॉट, इनमें अच्छे सौदेपंजीयन विभाग के अनुसार नर्मदापुरम रोड, बावड़ियाकला, बागमुगालिया, अयोध्या बायपास, शाहपुरा, बैरसिया रोड, भोपाल इंदौर रोड, नीलबढ़, रायसेन रोड, लांबाखेड़ा सहित जिले की अन्य लोकेशनों पर प्रॉपर्टी में बूम देखने को मिला है। इस बार भी अफसर ज्यादा लोकेशनों पर 10 से 20 फीसदी और तीन दर्जन् से ज्यादा लाेकेशनों पर 25 फीसदी तक रेट बढ़ाने की तैयारी में हैं। पिछले वर्ष प्रस्ताव में 409 लोकेशनों पर 10 प्रतिशत, 308 लोकेशनों पर 20 फीसदी और 16 लोकेशनों पर 25 फीसदी जमीनों के रेट बढ़ाए गए थे।
इन मुद्दों पर आज भी राहत चाहती है जनता
- महिलाओं की तरह ग्रीन बिल्डिंग और स्वस्थायी आवासीय योजनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्टांप में दो फीसदी छूट की मांग की है।
- स्कूल, अस्पताल, पोस्ट ऑफिस आदि हेतु संबंधित क्षेत्र की आवासीय गाइड लाइन मूल्य में 75 प्रतिशत की छूट दी जाए।
- महाराष्ट्र की तर्ज पर अगर कोई प्रॉपर्टी एक साल के अंदर बिकती है तो उस पर पूरा स्टांप शुल्क न लिया जाए।
- वहीं पांच अन्य सुझाव में बिल्डरों ने करोद, अयोध्या बायपास व तीन अन्य स्थानों पर कॉलोनी को गाइडलाइन में शामिल करने की मांग की है।
जनता को समय मिलना चाहिए
अफसर लास्ट समय में जमीनों के रेट बढ़ा ही देते हैं, पिछले वर्ष भी मात्र तीन दिन दावे आपत्ति के लिए मिले थे। जनता को पता भी नहीं चल पाया था, इस बार भी गोपनीय मामला चल रहा है, अचानक बैठक कर दावे आपत्ति न बुलाई जाए। गाइडलाइन को शेड्यूल के हिसाब से ही तैयार किया जाए।अजय अग्रवाल, अध्यक्ष, जिला मूल्य विरोधी समिति, भोपाल
Published on:
12 Feb 2024 10:49 pm
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