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MP News: ‘1100 फ्लैट्स’ बनाने की तैयारी शुरू, स्लम एरिया में रहने वालों को मिलेंगे घर

MP News: 'हाउसिंग फॉर ऑल' के तहत नगर निगम को दीपड़ी में 4 हेक्टेयर भूमि आवंटित हुई है।

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Flats

Flats प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

MP News: शहर को झुग्गी मुक्त करने और गरीबों के सिर पर खुद के मकान की छत के दावों के बीच नगर निगम ने अपना ही फैसला बदल दिया है। शहर के बीचों बीच चार इमली ऋषि नगर में प्रधानमंत्री हाउसिंग फॉर ऑल के मकान बनाने की बजाए गरीबों को शहर से 30 किमी दूर भोजपुर रोड पर दीपड़ी में घर बनाकर दिए जाएंगे। यहां अर्जुन नगर, पंचशील नगर, बाणगंगा इलाकों के स्लम एरिया में रहने वाले परिवारों को बसाने का दावा किया गया है।

चार इमली इलाके के कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह चौहान ने इस मामले में आरोप लगाया है कि अफसरों की प्राइवेसी को बनाए रखने के लिए ऐसा किया जा रहा है। हाउसिंग फॉर ऑल के तहत ऋषि नगर में प्रोजेक्ट अप्रूव्ड हो चुका है। नगर परिषद में महापौर मालती राय ने काम चालू करने का आश्वासन भी दिया था लेकिन अफसरों ने इस फैसले को बदल दिया है। इधर स्लम एरिया में रहने वाले लोगों ने शहर से बाहर जाने से इंकार कर दिया है।

पुराने प्रोजेक्ट्स पूरे नहीं हुए

2017 में शुरू हुए पहले चरण के कई प्रोजेक्ट अब भी अधूरे लटके हैं। ऐसे में नए प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन चिह्नित करना और उन्हें समय पर पूरा करना बड़ी चुनौती है। कई प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनकी समय सीमा को पांच बार बढ़ाया जा चुका है लेकिन काम पूरा नहीं हो रहा है।

निगम का ये फैसला स्लम एरिया खत्म करने के नाम पर पिछड़े परिवारों को मुश्किल में डालने वाला है। प्रोजेक्ट फेल हुआ तो निगम पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। योगेंद्र सिंह चौहान, कांग्रेस पार्षद

30 किमी. दूर बनेंगे 1100 फ्लैट्स

'हाउसिंग फॉर ऑल' के तहत नगर निगम को दीपड़ी में 4 हेक्टेयर भूमि आवंटित हुई है। निगम ने इस जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1100 फ्लैट्स के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 90 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

योजना के अनुसार, कुल आवासों में 700 इकाइयां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और 400 इकाइयां निम्न आय वर्ग (एलआइजी) के लिए बनाई जाएंगी। नगर निगम का दावा है कि इससे शहर में आवासहीन और किफायती घर की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को राहत मिलेगी। इस प्रोजेक्ट को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया जाएगा।

ऑनलाइन मिलेगा संपत्ति का रिकॉर्ड

सरकार ने स्वामित्व नियमों में बदलाव करते हुए इसे डिजिटल कार्ड में बदल दिया है। अब संपत्ति का रिकॉर्ड डिजिटल, ऑनलाइन डाउनलोड किया सकेगा। जिले में इसके तहत 130 गांवों में 37 हजार स्वामित्व कार्ड तैयार किए हैं। संपत्ति के दस्तावेजों को डिजी लॉकर से डाउनलोड की सुविधा दी जा रही है।

इससे इनका दस्तावेज के लिए भटकाव खत्म होगा। सरकार की स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को उनके घरों व खेती किसानी की जमीन का स्वामित्व दिलाने का लक्ष्य था। अब इसे पूरी तरह डिजिटल करके डिजी लॉकर से डाउनलोड की सुविधा दी है। पुराने समय में गांवों के आबादी क्षेत्र का कोई स्पष्ट सरकारी रिकॉर्ड या नक्शा नहीं होता था।