17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एमपी कांग्रेस में बड़ा बदलाव, डेढ़ दर्जन नेताओं को हटाया, 26 अध्यक्षों पर भी जल्द गिरेगी गाज

jitu patwari mp congress news एमपी में कांग्रेस के 26 अध्यक्षों को हटाने की तैयारी

2 min read
Google source verification
jitu patwari mp congress news

jitu patwari mp congress news

मध्यप्रदेश में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की नई कार्यकारिणी की बेसब्री से प्रतीक्षा के बीच बदलावों का दौर भी चल रहा है। कमजोर प्रदर्शन करनेवाले या निष्क्रिय पदाधिकारियों से पार्टी किनारा कर रही है और उनकी जगह युवा, सक्रिय और दमदार नेतृत्व को आगे लाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस अपने डेढ़ दर्जन से ज्यादा ब्लॉक अध्यक्षों को हटा चुकी है। इसी क्रम में 26 अन्य नेताओं पर भी गाज गिरनेवाली है। ब्लॉक अध्यक्षों के बाद कांग्रेस के जिला और शहर अध्यक्षों की बारी है। पार्टी ने उनके कामकाज के रिव्यू की भी तैयारी कर ली है।

मध्यप्रदेश कांग्रेस में संगठन को मजबूत बनाने पर फोकस किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेशभर में निष्क्रिय लोगों से छुटकारा पाने की कवायद चल रही है। ऐसे 26 ब्लॉक अध्यक्षों की सूची तैयार की गई है जिनको पार्टी हटा रही है। इससे पहले पार्टी के 20 ब्लॉक अध्यक्षों को हटाया जा चुका है। इन सभी नेताओं को निष्क्रियता और कमजोर प्रदर्शन के कारण अपना पद गंवाना पड़ा।

यह भी पढ़ें : 9 महीने का एरियर काटकर होगी महंगाई भत्ता में बढ़ोत्तरी! एमपी में डीए पर बड़ा अपडेट

ब्लॉक अध्यक्षों के बाद कांग्रेस जिला अध्यक्षों और नगर अध्यक्षों का नंबर है। तीन साल का अध्यक्षीय कार्यकाल पूरा करनेवाले नेताओं को पद से हटाने का फैसला हो चुका है। जो अध्यक्ष लगातार सक्रिय रहे, पार्टी के कार्यक्रमों, धरना-प्रदर्शनों में शामिल होते रहे, पार्टी नीति पर मुखरता से बोलते रहे, उन्हें ही फिर से मौका दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें : Breaking- एमपी में भीषण ब्लास्ट से कई बिल्डिंग ढहीं, मलबे में दबे लोग, शुरु हुआ रेस्क्यू

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, अभा कांग्रेस के सचिव सह प्रभारी संजय दत्त ने जिला संगठन मंत्रियों की बैठक ली। प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष राजीव सिंह, पूर्व विधायक रवि जोशी जैसे वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में हुई इस बैठक में प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों का जमकर विरोध करने के लिए प्रेरित किया गया। जिला संगठन मंत्रियों से मंडल और सेक्टर अध्यक्षों से लगातार संपर्क कर उन्हें सक्रिय बनाए रखने को कहा गया।