
अनुदान प्राप्त प्राइवेट शिक्षण संस्थानों के टीचर्स के साथ कर्मचारियों को भी छठवें वेतनमान
देश में लोकसभा चुनावों की तैयारियां चल रहीं हैं। चुनावों को देखते हुए जहां केंद्र सरकार एक के बाद एक लोकलुभावन घोषणाएं कर रहीं हैं वहीं एमपी की बीजेपी सरकार भी हर वर्ग को लुभाने की कवायद में लगी है। इस क्रम में राज्य सरकार ने प्रदेश के शिक्षकों को बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार ने प्राइवेट स्कूलों के टीचर्स और अन्य कर्मचारियों को छठवां वेतनमान का लाभ देने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है।
मध्यप्रदेश में अनुसूचित जातियों के हितों और कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। अनुसूचित जाति की इन योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए अलग से अनुसूचित जाति कल्याण विभाग भी बनाया गया है। राज्य सरकार ने इसी विभाग से संबंधित निजी स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को छठवां वेतनमान का लाभ देने की बात कही है।
इस संबंध में प्रस्ताव को मंगलवार को केबिनेट की मीटिंग में मंजूरी दी गई। आधिकारिक जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति कल्याण विभाग से जुड़े निजी शिक्षकों—कर्मचारियों का यह लाभ दिया जाएगा।
अनुसूचित जाति कल्याण विभाग से संबंधित अनुदान प्राप्त प्राइवेट शिक्षण संस्थानों के टीचर्स के साथ कर्मचारियों को भी छठवें वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। राज्य सरकार ने अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों के टीचर्स और कर्मचारियों को छठवें वेतनमान का लाभ एक जनवरी 2006 से दिए जाने का निर्णय लिया है।
एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को केबिनेट की बैठक हुई। केबिनेट बैठक में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग से संबंधित अनुदान प्राप्त प्राइवेट शिक्षण संस्थानों के टीचर्स व कर्मचारियों को छठवें वेतनमान का लाभ दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। केबिनेट के इस
निर्णय से जहां टीचर्स और कर्मचारियों को खासा लाभ मिलेगा वहीं इससे सरकारी खजाने पर करीब 54 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
Published on:
27 Feb 2024 09:56 pm
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