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42 साल बाद बनेगा ‘नया मध्यप्रदेश’, नवीन संभागों-जिलों-तहसीलों के गठन के लिए शुरु हुई कवायद

Madhya Pradesh Reform News भौगोलिक और प्रशासनिक दृष्टि से नया मध्यप्रदेश बनाने की प्रक्रिया राज्य सरकार प्रारंभ कर चुकी है। प्रदेश में नए संभागों, जिलों, तहसीलों के गठन के लिए पुनर्गठन आयोग बनाया गया है जिसने अपनी कवायद चालू कर दी है।

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मध्यप्रदेश का नक्शा जल्द ही बदल सकता है। भौगोलिक और प्रशासनिक दृष्टि से नया मध्यप्रदेश बनाने की प्रक्रिया राज्य सरकार प्रारंभ कर चुकी है। प्रदेश में नए संभागों, जिलों, तहसीलों के गठन के लिए पुनर्गठन आयोग बनाया गया है जिसने अपनी कवायद चालू कर दी है। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही प्रदेश के भौगोलिक और प्रशासनिक ढांचे में व्यापक परिवर्तन किया जाएगा। मध्यप्रदेश में 42 साल बाद यह कवायद की जा रही है। राज्य सरकार ने पुनर्गठन आयोग की घोषणा कर सितंबर में पहले सदस्य की नियुक्ति कर दी थी। आयोग में बाद में एक और सदस्य आए और अब अपर सचिव स्तर के अधिकारी को भी इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राज्य केबिनेट की 27 फरवरी की बैठक में मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के गठन को मंजूरी दी गई थी। कैबिनेट ने प्रदेश की प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के लिए यह फैसला लिया था। 12 मार्च को पुनर्गठन आयोग के कार्यक्षेत्र, प्रशासनिक संरचना, सदस्यों के वेतन- भत्ते आदि का अनुमोदन कर नोटिफिकेशन किया गया।

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पुनर्गठन आयोग के लिए 9 सितम्बर को आदेश जारी कर रिटायर्ड आईएएस मनोज श्रीवास्तव को सदस्य नियुक्त किया। 18 अक्टूबर को रिटायर्ड आईएएस मुकेश शुक्ला को भी आयोग का सदस्य बना दिया गया था।

आयोग में अब एक और अहम नियुक्ति की गई है। सामान्य प्रशासन विभाग जीएडी के अपर सचिव अक्षय कुमार सिंह को प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग का सचिव बनाया गया है। इस संबंध में सरकार ने 12 नवम्बर को आदेश जारी कर अपर सचिव सिंह को आयोग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया है।

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बता दें कि प्रदेश के संभागों, जिलों और तहसीलों के पुनर्गठन की कवायद 42 साल बाद दोबारा शुरु हुई है। इससे पहले सन 1982 में यह काम किया गया था। पुनर्गठन आयोग के दो सदस्य बनाने के बाद राज्य सरकार द्वारा सचिव की नियुक्ति कर दिए जाने के बाद इसके काम में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।