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Recall Story: यह है सबसे खतरनाक सीरियल किलर, क्राइम सीरियल देखकर अपने ही माता-पिता का कर दिया था मर्डर

यह है देश का सबसे चर्चित मामला, भोपाल में अपनी प्रेमिका और माता-पिता को मारकर दफना दिया था...।

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भोपाल

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Manish Geete

Aug 27, 2020

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psycho kuller udayan das recall story

भोपाल। जनवरी 2017 में सामने आए आकांक्षा मर्डर केस ने प्रदेश ही नहीं, देशभर को हिला कर रख दिया था। हर दिन नए खुलासे हुए उसने भी देश के लोगों को चौंका दिया था। अपनी गर्ल फ्रेंड को अपने ही घर की पहली मंजिल के कमरे में चबूतरा बनाकर उसे दफना दिया था। परते खुलतीं गई और बाद में पता चला कि उसने रायपुर के एक मकान में अपने माता-पिता को भी मारकर दफना दिया था। इन सबके पीछे सीरियल किलर उदयन दास दुनियाभर में फेमस हो गया। वो अंग्रेजी के क्राइम सीरियल देखने का आदी था। सीरियल से ही उसे ऐसा करने का आइडिया आया था। बुधवार को पश्चिम बंगाल की बांकुरा कोर्ट ने उसे एक मामले में आजीवन कैद की सजा मिली है।

भोपाल के उदयन दास की बाकुड़ा की रहने वाली आकांक्षा से दोस्ती सोशल मीडिया पर हुई थी, उसके बाद उसने जाल में फांस लिया था। आकांक्षा उससे प्यार करने लगी थी और 24 जून 2016 को अपने माता-पिता से यह कहकर भोपाल आ गई थी कि उसका दोस्त उदयन दास की नौकरी अमेरिका में लगवा रहा है। घर से आकांक्षा अपने साथ लैपटाप, मोबाइल, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, वोटर कार्ड और ड्राइविंड लाइसेंस लेकर आ गई थी।

अंग्रेजी फिल्म से आया था उसे ये आइडिया

उदयन दास शातिर हो चुका था। उसे अंग्रेजी फिल्म के किसी क्राइम सीरियल को देखने के बाद यह आइडिया आया। वो क्राइम सीरियल देखने का शौकीन हो गया था। बाकिंग डेथ नाम के सीरियल से उसे यह आइडिया मिला था। उसने बताया था कि आकांक्षा का उसने पहले गला दबाया था फिर शव को दूसरे कमरे में ले जाकर पुराने खाली बक्से में डाल दिया। एक घंटे बाद उसने सीमेंट का घोल भर दिया। इसके बाद उस पूरे बक्से को ही चबूतरा बना दिया। इसके लिए उसने 14 बोरी सीमेंट का इस्तेमाल किया था। आकांक्षा उदयन के भोपाल स्थित शक्तिनगर स्थित घर पहुंची और यहां पहुंचने पर उसे पता चला कि उसके साथ धोखा हो गया है। आकांक्षा ने जब झांसा देने का आरोप उदयन पर लगाया तो वह झगड़ने लगा और दोनों के बीच इसी बात को लेकर झगड़ा होने लगा। एक माह तक झगड़ा होने पर 23 जुलाई 2016 को उदयन ने गला दबाकर आकांक्षा शर्मा की हत्या कर दी।

वीडियो में देखिए ऐसी चली थी जांच

आकांक्षा बनकर करता था बातें

उदयन इतना शातिर था कि वो आकांक्षा बनकर उसके माता पिता से बातचीत चैटिंग के जरिए किया करता था।इसके बाद वो 5 अक्टूबर 2016 को बांकुरा रवींद्र सरणी स्थित आकांक्षा के घर गया था, जहां उसने आकांक्षा के माता-पिता को बताया था कि वो अमेरिका में है। यदि वे लोग अमेरिका जाना चाहते हैं तो वह इसकी व्यवस्था कर देगा। 8 अक्टूबर को उदयन भोपाल आ गया। इसके बाद आकांक्षा का उसके माता-पिता से संपर्क टूट गया।

रायपुर के मकान में दफन थे माता-पिता

जब उदयन की हरकतों की धीरे-धीरे परतें खुलने लगी तो हर दिन चौंकाने वाले खुलासे होने लगे। उसने अपने ही माता-पिता को रायपुर के एक मकान में मारकर उसी के परिसर में दफना दिया था। इसके बाद वो मकान बेच दिया। कई सालो बाद यह मामला खुला तो उस मकान की खुदाई की गई। खुदाई में उसके माता पिता के शरीर के अवशेष ही मिल पाए थे।

कोर्ट ने सुनाई सजा

सायको किलर उदयन दास को पश्चिम बंगाल की बांकुड़ा कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। उसने 23 जुलाई 2016 को अपनी गर्लफ्रेंड की हत्या कर उसका शव अपने ही घर की पहली मंजिल के कमरे में एक बक्से में बंद करके उस पर चबूतरा बनवा दिया था। मामले का खुलासा जनवरी 2017 को हुआ था। बांकुड़ा में फास्ट ट्रैक कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेश विश्वकर्मा ने आरोपी को हत्या और सबूत मिटाने के जुर्म में उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा रायपुर में उसने अपने ही माता-पिता को मारकर जमीन में दफना दिया था और वो मकान बेचकर भोपाल आ गया था। कई सालों बाद उसके माता पिता के सिर्फ अवशेष ही रायपुर वाले घर से निकाले जा सके थे।