कटनी/ भोपाल। मध्यप्रदेश की मिलों में दाल बनाने, दूसरे राज्यों से मंगवाए जाने वाले कच्चे माल पर लगने वाले मंडी टैक्स ने प्रदेश के मिल मालिकों को बाजार की प्रतिस्पर्धा में टिकना मुश्किल कर दिया है। मप्र में कच्चा माल मंगवाने पर मंडी और निराश्रित टैक्स 1.70 प्रतिशत देना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ में यह 0.5 प्रतिशत है। महाराष्ट्र में तो बिल्कुल नहीं है। इस टैक्स से दाल की कीमत बढ़ी तो थोक व्यापारियों ने छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र का रुख किया। असर यह हुआ कि मध्यप्रदेश की दाल मिलें बंद होने के कगार पर पहुंच गई हैं। अकेले कटनी में 20 से ज्यादा दाल मिलें बंद हो गई हैं। 40 से ज्यादा जो चल रहीं हैं, वे भी मुश्किल में हैं।