
विधायक के फर्जी लेटर हेड वाला रैकेट गिरफ्तार : एक आरोपी स्वास्थ्य मंत्री का चपरासी रह चुका है, तो दूसरा BJP विधायक का कुक
भोपाल/ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री निवास पहुंची ट्रांसफर की फर्जी नोटशीट मामले में क्राइमब्रांच ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच ने जिन दो मुख्य आरोपियों को पकड़ा है, उनमें से एक स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी का चपरासी रह चुका है, तो दूसरा रायसेन जिले के सिलवानी भाजपा विधायक रामपाल सिंह का पकवान था। दोनो आरोपी दो अन्य कंप्यूटर ऑपरेटरों की मदद से फर्जी लेटर टाइप कराया करते थे। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति की मदद से फर्जी डिस्पैच नंबर डालकर कर्मचारी से रुपए खाते में डलवाते थे। चिट्ठी और नोटशीट तैयार करके उसे वल्लभ भवन की आवक-जावक शाखा के बॉक्स में डालकर रिसीव ले लेते थे। कर्मचारियों को इस फर्जीवाड़े का शक न हो, इसलिये उन्हें मंत्री-विधायकों के बंगलों के बाहर बुलाकर डील किया करते थे।
हो सकते हैं कई चौंकाने वाले खुलासे- पुुलिस
क्राइम ब्रांच द्वारा की गई जांच में पकड़े गए आरोपियों से विधायक समेत अन्य जनप्रतिनिधियों की खाली नोटशीट और लेडर हेड तक बरामद किया है। बताया जा रहा है कि, आरोपियों ने ये दोनों चीजें जनप्रतिनिधियों के बंगले से चोरी किया था। आरोपी अबतक 30 कर्मचारियों के ट्रांसफर के लिए प्रपोजल भेज चुके थे। फिलहाल, पुलिस का कहना है कि, आरोपियों का रिमांड मिल गया है। उम्मीद है कि, आगे की पूछताछ में और भी कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
इस तरह हुआ मामले का खुलासा
क्राइम ब्रांच के ASP गोपाल धाकड़ के अनुसार, शिकायत मिली थी कि, कुछ विधायक, सांसदों के लेटर हेड पर स्थानांतरण के प्रस्ताव सीएमओ वल्लभ भवन में प्राप्त हो रहे हैं। शिकायत की जांच में पता लग कि, सांसद, विधायक के लेडर हेड, नोटशीट फर्जी हैं। पुलिस ने जिन अधिकारियों, कर्मचारियों का प्रपोजल भेजा था, उन्हें नोटिस देकर पूछताछ शुरू की गई तो मामले का खुलासा हुआ।
आरोपी किस तरह करते थे गोरखधंधे को संचालित
-दूसर आरोपी रायसेन जिले के सिलवानी स्थित ग्राम कानीबड़ा उपयपुरा का रहने वाला लखनलाल फर्जी लेटर हेड में डिस्पेच नंबर अंकित करता था। साथ ही, ट्रांसफर करवाने वाले से अपने खाते में रकम जमा कराता था।
-तीसरा आरोपी हरदा जिले के टिमरनी का रहने वाला रामकृष्ण राजपूत कंप्यूटर ऑपरेटर है। उसका काम लेटरहेड टाइपिंग करना होता था। पूछताछ में सामने आया है कि, मुख्य आरोपियों ने उसे हर लेटर लिखने पर कमीशन देना तय हुआ था।
-वहीं, पुलिस गिरफ्त में आय पांचवा आरोपी रामगोपाल पाराशर: मॉडल स्कूल परिसर टीटी नगर, भोपाल का रहने वाला है। वो शिक्षा विभाग में सरकारी भृत्य है। लेटरहेड उपलब्ध कराता था।
मंत्री प्रभुराम चौधरी के बंगले पर काम कर चुका है मुख्य आरोपी
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि, गिरोह का मुख्य आरोपी रामगोपाल पाराशर मंत्री प्रभुराम चौधरी के बंगले पर चपरासी का काम कर चुका है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि, उसने बताया कि, मंत्री के बंगले से उसने विधायक रामपाल सिंह का एक खाली लेटर हेड चोरी किया था। इसके अलावा कई अन्य जनप्रतिनिधियों के भी फर्जी लेडर हेड उसके पास से मिले हैं।
विधायक रामपाल के बंगले में कुक रहा, उनके ही नाम से 27 लोगों की अनुशंशा की
वहीं, पकड़ा गया दूसरा मुख्य आरोपी रामप्रसाद राही भी विधायक रामपाल सिंह के बंगले में कुक रह चुका है। उसका छतरपुर में ससुराल है। उसने विधायक रामपाल सिंह के फर्जी लेडर हेड, नोटशीट से अकेले छतरपुर के रहने वाले 27 कर्मचारियों की अनुशंशा की है। पुलिस के मुताबिक, रामप्रसाद ने सबसे अधिक नोटशीट भेजी हैं।
इन जनप्रतिनिधियों के नाम पर किया फ्रॉड
-राजगढ़ सांसद रोडमल नागर के नाम पर शाहजहांपुर नायब तहसीलदार पत्नी शासकीय सेवा में बड़वानी को शाजापुर से बड़वानी ट्रांसफर की अनुशंसा की गई।
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Published on:
04 Aug 2021 10:28 pm
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