
Railway Station
मध्य प्रदेश में रेल अधोसंरचना विकास के अंतर्गत वर्तमान वर्ष में 15 हजार 143 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। प्रदेश में 77 हजार 800 करोड़ से अधिक की 32 परियोजनाएं क्रियान्वित हो रही हैं। प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश के 33 स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए शिलान्यास के साथ ही 133 रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) एवं अंडरपास का शिलान्यास एवं उद्घाटन करेंगे।
मिलेंगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं
वर्ष 1877 में बने शहर के रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर संवारने की आधारशिला आज रखी जाएगी। उस समय छोटे से स्टेशन का कायाकल्प 1955 में करते हुए बिल्डिंग का निर्माण किया गया था, जो वर्तमान स्वरूप है। 494.29 करोड़ की लागत से नई बिल्डिंग न केवल एयरपोर्ट में होने का अहसास कराएगी, बल्कि वर्ल्ड क्लास सुविधाएं भी मिलेंगी।
सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि 42 माह में स्टेशन निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। 50 वर्ष की जरूरत को ध्यान में रखते हुए एक लाख यात्रियों के हिसाब से स्टेशन बनाने की तैयारी की है। 23 लिफ्ट, 17 एस्कलेटर होंगे। सामान की तीन लिफ्ट होंगी। पीआरओ खेमराज मीना ने बताया कि प्लेटफॉर्म नंबर 1 की मुख्य बिल्डिंग जी प्लस सात यानी सात मंजिला होगी। सियागंज वाले हिस्से की बिल्डिंग जी प्लस टू होगी। मॉल की तर्ज पर बेसमेंट में पार्किंग होगी, जो आधुनिक सिस्टम से लैस होगी। शास्त्री ब्रिज भी बनाया जाएगा। ट्रेवलेटर के जरिए मुख्य स्टेशन से प्लेटफॉर्म नंबर 5 और 6 भी जुड़ेंगे।
जंक्शन बनेगा स्टेशन, उसी हिसाब से निर्माण
सांसद लालवानी ने बताया कि आने वाले समय में इंदौर-दाहोद, इंदौर-खंडवा लाइन शुरू होगी। ट्रेनें बढ़ने के यात्री भी बढ़ेंगे। अभी प्रतिदिन करीब 2500 प्लेटफॉर्म टिकट बिकते हैं। इसके भविष्य में पांच से सात गुना होने का अनुमान है। इसी को ध्यान में रखते हुए 50 साल आगे की प्लानिंग की गई है। स्टेशन से देशभर के लिए पार्सल सुविधा को भी बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में 2800 क्विंटल पार्सल हेंडल किया जाता है, जो भविष्य में 10 हजार क्विंटल होने की आशा है। इससे इंदौर के व्यापार को गति मिलेगी।
इन 33 स्टेशनों का विकास होगा
प्रदेश के 33 रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास के लिए शिलान्यास किया जाएगा। जबलपुर और भोपाल रेल मंडल के पांच-पांच स्टेशन शामिल हैं। पुनर्विकास के लिए चयनित स्टेशनों में सीहोर, जबलपुर, बीना, अशोकनगर, खिरकिया, सांची, शाजापुर, ब्यौहारी, बरगवां, नरसिंहपुर, पिपरिया, इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, मक्सी, नागदा, नीमच, शुजालपुर, खाचरौद, बालाघाट, छिंदवाड़ा, खंडवा, मंडला फोर्ट, नैनपुर, सिवनी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, बिजूरी, मुरैना, हरपालपुर, दतिया और भिंड स्टेशन शामिल हैं। आरओबी में जबलपुर रेल मंडल के दो और भोपाल रेल मंडल के चार आरओबी शामिल हैं। अंडरपास के अंतर्गत जबलपुर में एक एवं भोपाल मंडल में दो स्थानों पर कार्य होंगे। उल्लेखनीय है कि मानवयुक्त समपार फाटकों को खत्म करने के लिए आरओबी/अंडरपास बनाया जाता है।
Updated on:
26 Feb 2024 08:49 am
Published on:
26 Feb 2024 08:35 am

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