
Rainy Season Diseases
Rainy Season Diseases: मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में इस समय भारी बारिश (Heavy Rain) का दौर जारी है, वहीं मौसम विभाग (IMD Alert) ने 4 दिन तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में लगातार हो रही बरसात अपने साथ कई बीमारियों को भी साथ लाती है।
एमपी के कई जिलों में डेंगू कहर बरपा रहा है, डायरिया, स्किन इन्फेक्शन के साथ ही वायरल फीवर भी घर-घर में दस्तक दे रहा है। ऐसे में जरूरी है कि इनसे खुद को और अपनों को बचाने के लिए अवेयर हुआ जाए। एक्सपर्ट से जानें प्रदेश में बारिश के सीजन में क्या है बीमारियों का हाल, कैसे रखें सेहत का ख्याल…
मध्यप्रदेश में बारिश के सीजन का असर अब तेजी से देखने को मिल रहा है। बारिश के चलते कई जिलों में डेंगू के मरीजों की तेजी से बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। अगस्त के मुकाबले सितंबर में डेंगू के मरीज दोगुनी तेजी से बढ़ रहे हैं। देशभर में स्वच्छता के मामले में नंबर वन रहने वाले इंदौर में भी डेंगू के मरीजों की संख्या कम नहीं है।
मध्यप्रदेश में अब तक 2100 से ज्यादा डेंगू पॉजीटिव केस मिल चुके हैं। राजधानी भोपाल में सितंबर के पहले सप्ताह में ही डेंगू के मरीजों की संख्या 188 हो गई। वहीँ इंदौर में 300 जबलपुर में 200 और ग्वालियर में 100 से ज्यादा मरीज है।
यही नहीं डेंगू के कारण मौत के मामले भी बढ़ रहे हैं। भोपाल में अब तक डेंगू के कारण तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है। डॉक्टरों की मानें तो अगस्त और सितंबर में ज्यादा बारिश होने के चलते डेंगू का कहर देखने को मिल रहा है।
मौसम का मिजाज देखते हुए हेल्थ एक्सपर्ट लोगों से अवेयरनेस और अलर्ट रहने की अपील भी कर रहें हैं। इसके लिए समय-समय पर जन जागरुकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
बारिश के इस मौसम में डायरिया का खतरा भी बढ़ गया है। मध्य प्रदेश में डायरिया से कई लोगों की जान चली गई। अगस्त महीने में जबलपुर में इस डायरिया से ग्रस्त 17 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में बच्चे भी शामिल हैं। इस साल डायरिया के लगभग हजारों मरीज सामने आ चुके हैं।
एक्सपर्ट का कहना है कि बरसात के सीजन में दूषित पानी की शिकायतें बढ़ जाती हैं। इसके आलावा ज्यादा नमी के कारण खाना भी जल्दी खराब होने लगता है। ऐसे में जरूरी है कि बाहर का खाना और बाहर का पानी भी पीने से बचें। घर में भी पानी को पहले उबालकर और छान कर रख लें, फिर पानी पिएं।
डेंगू की ही तरह मलेरिया भी मच्छर जनित बीमारी है। बारिश के सीजन में मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है। हालांकि मध्यप्रदेश में इस साल मलेरिया के ज्यादा मामले सामने नहीं आए हैं। लेकिन जरूरी है कि इससे बचाव किया जाए।
बता दें कि बरसात के समय जगह-जगह पानी जमा हो जाता है, इस तरह जमा पानी में ही मच्छरों का लार्वा पनपता है और उनकी संख्या दोगुनी-तिगुनी तेजी से बढ़ती है। मलेरिया एनोफिलीज प्रजाति के मच्छरों के काटने से फैलता है।
इससे ग्रस्त मरीजों के शरीर में दर्द, असहनीय ठंड लगाना और कमजोरी जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। ऐसे में बिना देरी किए डॉक्टर से मिलकर अपनी जांच कराएं और उचित इलाज लें।
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Published on:
11 Sept 2024 03:21 pm
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