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नरोत्तम मिश्रा पर षड्यंत्र के आरोप, कांग्रेस नेता बोले- केंद्रीय मंत्री के ओएसडी ने बीजेपी में आने 70 करोड़ ऑफर किए

Rajendra Bharti राजेंद्र भारती बोले- गवाहों को धमकाया गया - पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा कर रहे साजिश

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Rajendra Bharti Alleges Political Conspiracy Against Narottam Mishra

Rajendra Bharti Alleges Political Conspiracy Against Narottam Mishra

Rajendra Bharti- मध्यप्रदेश के एक वरिष्ठ बीजेपी नेता और राज्य सरकार के पूर्व मंत्री पर गंभीर आरोप लगे हैं। कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती ने बीजेपी के पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर राजनीतिक षड्यंत्र के आरोप लगाए। उन्होंने सोमवार को भोपाल में पीसीसी में बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती ने उनकी विधानसभा की सदस्यता जाने को लेकर पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर साजिश रचने के आरोप लगाए। उन्होंने एफडी मामले की जांच सीबीआइ से कराने की मांग की। इसके साथ ही पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि उन्हें बीजेपी में आने के लिए करोड़ों रुपए का लालच दिया गया था। हालांकि बीजेपी ने उनके तमाम आरोप नकार दिए हैं।

केंद्रीय मंत्री के ओएसडी ने 70 करोड़ ऑफर किए

पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने बताया कि मई 2024 में एक केंद्रीय मंत्री के ओएसडी ने उनसे मुलाकात की थी। दिल्ली में हुई इस मुलाकात में ओएसडी ने मुझे नरोत्तम मिश्रा का संदेश देते हुए सारे केस वापस लेकर भाजपा में आने को कहा था। इतना ही नहीं, निगम-मंडल का अध्यक्ष बनाने के साथ नुकसान की भरपाई में 70 करोड़ रुपए का भी ऑफर दिया। ऐसा नहीं करने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती ने कहा कि वे केंद्रीय मंत्री के ओएसडी का नाम भी वक्त आने पर सार्वजनिक करेंगे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि एफडी मामले में गवाहों पर दबाव बना कर न्यायालयीन प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।

तथ्यहीन आरोप:

इधर भाजपा ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के आरोपों को सिरे से नकार दिया है। एमपी बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने उनके आरोपों को तथ्यहीन बताया। अग्रवाल ने कहा कि राजेंद्र भारती मनगढ़ंत और झूठे आरोप लगा रहे हैं। वे विधायकी खोने के बाद झूठे आरोपों से सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहते है। बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि हम न्यायपालिका के फैसले का स्वागत करते हैं और आगे भी करते रहेंगे।

गौरतलब है कि दतिया से कांग्रेस विधायक रहे राजेंद्र भारती की विधानसभा की सदस्यता निरस्त कर दी गई है। दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 27 साल पुराने एक बैंक फ्रॉड मामले में उन्हें दोषी करार देते हुए विभिन्न मामलों में अधिकतम तीन साल की सजा सुनाई थी। कोर्ट का फैसला आते ही विधानसभा सचिवालय ने राजेंद्र भारती की विधायकी निरस्त कर दी थी। कांग्रेस इसे शुरु से ही सरकार की साजिश करार दे रही है।

कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने सन 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में दतिया विधानसभा सीट पर प्रदेश के दिग्गज बीजेपी नेता और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराया था। उन्होंने मिश्रा को 7742 वोटों से शिकस्त दी थी। राजेेंद्र भारती की विधायकी निरस्त होने पर दतिया में उपचुनाव होने की स्थिति में बीजेपी पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर ही दांव लगा सकती है। राजेंद्र भारती केस की दिल्ली हाईकोर्ट में 15 अप्रैल को सुनवाई भी है।