
xy chromosomes in woman revealed after infertility test (फोटो- AI)
MP News: भोपाल में सैन्य अधिकारी के वैवाहिक जीवन में उस समय चौंकाने वाला मोड़ आया, जब संतान न होने पर कराई गई जांच में उनकी पत्नी के शरीर में पुरुषों वाले एक्स-वाई क्रोमोसोम (XY chromosomes) मिले। महिलाओं में एक्स-एक्स क्रोमोसोम (XX chromosomes) होते हैं। महिला और पुरुष के इन क्रोमोसोम के में मिलने से संतान होती है। महिला के शरीर के अंदर ओवरी की जगह अविकसित अंडकोष पाए गए। मानसिक रूप से परेशान दम्पती ने एम्स भोपाल में जांच कराई तो इसका पता चला।
एम्स के ट्रांसजेंडर क्लीनिक में यूरोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी विभाग की टीम ने इलाज किया। बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिनव सिंह के अनुसार, पहले चरण में माइक्रो प्लास्टिक सर्जरी से अविकसित पुरुष अंग को हटाया गया। दूसरे चरण में पेट से अंडकोष को भी निकाल दिया गया। स्त्री रोग, यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी और साइकियाट्री विभाग की संयुक्त टीम सर्जरी करती है। डॉक्टरों के अनुसार प्राकृतिक रूप से संतान नहीं होगा। दंपती ने बच्चा गोद लेने का निर्णय लिया है।
संतान न होने पर शुरू हुई जांच 2023 में हुई शादी के समय महिला की उम्र करीब 20 साल थी। दो साल संतान नहीं होने पर दोनों ने निजी अस्पताल में जांच कराई। जांच में महिला के शरीर में एक्स-वाई क्रोमोसोम होने का पता चला। एम्स में एमआरआइ जांच में पता चला कि पेट के निचले हिस्से में अंडाशय की जगह कम विकसित अंडकोष मौजूद है। इसी वजह से शरीर में हार्मोन का स्तर बहुत कम था।
एम्स के ट्रांसजेंडर क्लिनिक के नोडल अधिकारी और मनोचिकित्सक डॉ. रोशन सुतार ने बताया, कई लोग ट्रांसजेंडर क्लीनिक में हर माह परामर्श लेने आते हैं, लेकिन 10 से 12 मरीजों ही सर्जरी से लिंग परिवर्तन करवाते हैं। 60% पुरुष से स्त्री और 40% स्त्री से पुरुष में परिवर्तन होते हैं। निजी अस्पतालों में इस तरह की सर्जरी बहुत महंगी होती है, जबकि एम्स में यह कम खर्च में या मुप्त में होती ही है।
Published on:
16 Mar 2026 10:13 am
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