
Ratapani Tiger Reserve Ratapani Wildlife Sanctuary MP Tiger Reserve मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट यूं ही नहीं कहते। यहां बाघों की वाकई भरमार है। और तो और, प्रदेश की राजधानी भोपाल के आसपास भी खतरनाक टाइगर रहते हैं। यह टाइगर जब तब घूमते-टहलते राजधानी में भी आ जाते हैं। भोपाल महानगर के पास की रातापानी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी तो टाइगर से मानो भरी पड़ी है। ऐसे में राज्य सरकार ने रातापानी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को प्रदेश का नया टाइगर रिजर्व बना दिया है।
रातापानी अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने का मामला 2008 से चल रहा है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने इसे 2011 में ही मंजूरी दे दी थी लेकिन बाद में मामला अटक गया। अब राज्य स्तरीय वन्य जीव बोर्ड ने रातापानी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को टाइगर रिजर्व बनाने की मंजूरी दे दी है।
इसके साथ ही रातापानी अभयारण्य, टाइगर रिजर्व बन गया है। कुछ ही दिनों में इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। रातापानी टाइगर रिजर्व एमपी का आठवां टाइगर रिजर्व होगा। राज्य स्तरीय वन्य जीव बोर्ड से अनुमोदित प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा जहां इसे टाइगर रिजर्व बनाने की औपचारिकता पूरी कर दी जाएगी।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार रातापानी टाइगर रिजर्व की अधिसूचना दो माह में जारी हो जाएगी। एमपी के वाइल्ड लाइफ पीसीसीएफ शुभरंजन सेन ने बताया कि रातापानी अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने की बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि 2008 से यह प्रस्ताव विभिन्न कारणों से लंबित था, लेकिन अब केवल औपचारिकताएं ही शेष हैं।
रातापानी में टाइगर रिजर्व बनने से राजधानी भोपाल और आसपास के इलाकों में पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है। स्थानीय लोगों को नए रोजगार भी मिलेंगे।
Published on:
15 Jul 2024 02:55 pm
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