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ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने सभी प्रमुख सड़कें होंगी 24 मीटर चौड़ी, 6 लेन बनेगी रोड

शहरी आवास विकास विभाग ने प्रस्ताव मंगाए

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भोपाल. मध्यप्रदेश में ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने की अहम कवायद की जा रही है. प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित अन्य शहरों में भी सभी प्रमुख सड़कें चौड़ी हो जाएंगी. इसके लिए शहरी आवास विकास विभाग ने प्रस्ताव मंगाए हैं. प्रदेश के संबंधित नगर निगम व लोक निर्माण विभाग को इन सडक़ों को बनाने का जिम्मा दिया जाएगा.

भोपाल समेत प्रदेश के सभी शहरों की मुख्य सडक़ों को 6 लेन यानि करीब 24 मीटर चौड़ाई तक बनाने के लिए यह कवायद की जा रही है. कोशिश है कि अगले 10 साल में प्रमुख सडक़ें छह लेन बन जाएं. 24 मीटर चौड़ाई की सड़कें होंगी तो ट्रैफिक जाम से निजात मिल जाने की उम्मीद जताई जा रही है.

शहर विकास का कामकाज देखने वाली एजेंसी राजधानी परियोजना प्रशासन को खत्म करके मास्टर प्लान की सडक़ों को बनाने का जिम्मा नगर निगम को देने की तैयारी की जा चुकी है। वहीं सडक़ निर्माण में लोक निर्माण विभाग की भागीदारी पहले से ही तय है। यही मॉडल अब पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। बता दें कि अभी प्रदेश के छोटे बड़े 200 से अधिक ऐसे शहरों में मुख्य मार्ग तक की चौड़ाई महज दो लेन तक सिमटी हैं।

प्रदेश के शहरी आवास एवं विकास विभाग के मंत्री भूपेंद्र सिंह बताते हैं कि भोपाल में तो सडक़ों का चौड़ीकरण चल ही रहा है। यहां पर 24 से 30 मीटर की अब कई सडक़ें हो चुकी हैं। इसी तरह प्रदेश के अन्य शहरों में भी सडक़ों की चौड़ाई बढ़ाने की योजना तैयार कराई जा रही है।

इसलिए जरूरी 24 मीटर चौड़ी सडक़
शहरी आवास एवं विकास विभाग के अफसरों का कहना है कि छोटे शहरों और गांवों तक में वाहनों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे अब यहां जाम की समस्या आम हो रही हैं। पार्किंग और प्रदूषण से जुड़ी दिक्कतें भी हैं। ऐसे में यहां की अंदरूनी मुख्य सडक़ें 24 से 30 मीटर चौड़ी होंगी तो लोगों को आवाजाही में राहत मिलेगी।

यह चुनौतियां भी रहेंगी सामने
शहरों में सडक़ों की चौड़ाई 24 से 30 मीटर करना आसान नहीं है। भोपाल में भी इस समय 12 ऐसी सडक़ें हैं, जिनके चौड़ीकरण का काम तो चल रहा है, लेकिन भूमि अधिग्रहण और रोड किनारे पक्के अतिक्रमण चुनौती हैं। इन प्रस्तावों को केंद्र और राज्य से मंजूर होना होगा, तभी राशि मिलेगी। यानी सडक़ निर्माण के लिए धनराशि भी निर्माण एजेंसियों के सामने चुनौती है।

एक नजर
4000 किलोमीटर लंबी है भोपाल में सडक़ें
300 किलोमीटर से अधिक लंबी सडक़ें हो चुकी हैं 6 लेन
50 किलोमीटर से अधिक लंबी सडक़ हर शहर में करना होगी छह लेन
01 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर का खर्च आएगा सीमेंट कॉन्क्रीट की सिक्स लेन बनाने में
05 साल की परफॉर्मेंस गारंटी के साथ निर्माण एजेंसी को बनाना होगी रोड

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