
2-3 मर्सिडीज के बराबर है इस सांप की कीमत, Myth है कि इससे एड्स जैसी बीमारी होती है ठीक!
भोपाल. पुलिस को एक बार फिर से बड़ी कामयाबी मिली है। सैंड बोआ नाम के दुर्लभ सांप के साथ भोपाल पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों तस्कर इस सांप की तस्करी कर रहे थे। सैंड बोआ को लेकर कई मिथ हैं। इसका प्रयोग कई औषधियों को बनाने में होता है। आइए पहले इसकी बरामदगी के बारे में जान लेते हैं।
दरअसल, भोपाल क्राइम ब्रांच और फॉरेस्ट विभाग की टीम ने भोपाल के बैरसिया रोड स्थित सिंधी कॉलोनी से सैंड बोआ सांप के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है। वन उड़नदस्ते के डिप्टी रेंजर राजकरण चतुर्वेदी को सूचना मिली थी कि ग्वालियर से आया एक युवक दुर्लभ सांप बेचने की फिराक में है। उसके बाद उन्होंने तस्करों को रंगेहाथ सौदेबाजी करते हुए गिरफ्तार कर लिया।
ग्वालियर का रहने वाला है तस्कर
तस्कर सैंड बोआ सांप को बोरी में रखे हुए था। उसकी पहचान ग्वालियर निवासी नवाब नट के रूप में हुई है। साथ ही उसके साथ सौदेबाजी करने वाले शख्स का नाम राजकुमार यादव है। आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
करोड़ों में है इसकी कीमत
यह सांप मूल रूप से नेपाल और भारत में पाया जाता है। इसकी डिमांड सबसे ज्यादा चीन में है। लेकिन इस सांप को लेकर जो मिथ हैं, उसके कारण विदेशों में इसकी कीमत करोड़ों में हैं। हालांकि इसे पकड़ने वाले तस्करों को ज्यादा कीमत नहीं मिलती है। देश भर में जो अब तक सैंड बोआ के साथ तस्कर पकड़े गए हैं। उन्होंने यही बताया है कि उन्हें बमुश्किल इस सांप के लिए दस लाख रुपये तक मिलती है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय तस्कर इसे करोड़ों में बेचते हैं।
एक सांप की कीमत मर्सिडीज के बराबर
सैंड बोआ को विदेश ले जाकर अंतरराष्ट्रीय तस्कर इसे करोड़ों में बेचते हैं। माना जाता है कि औसतन इसकी बोली तीन से चार करोड़ रुपए तक लगती है। अगर ज्यादा डिमांड होती है तो पांच करोड़ के पार भी चला जाता है। वहीं, मर्सिडीज की कीमत से तुलना की बात करें तो मर्सिडीज कार की शुरुआती मॉडल पचास लाख के करीब से आने शुरू हो जाते हैं। अगर सांप दो करोड़ रुपये तक में बिकती है तो आप आराम से तीन मर्सिडीज खरीद सकते हैं।
एड्स की बीमारी होती है ठीक
आपको पहले ही बताया कि इस सांप को लेकर कई मिथ हैं। यह दावा किया जाता है कि इस सांप को खाने से एड्स जैसी बीमारी से लोगों को मुक्ति मिल जाती है। यही नहीं कई जटिल बीमारियों को भी ठीक करने का दावा किया जाता है। हालांकि इसे लेकर कोई साइंटिफिक रिसर्च या सबूत नहीं हैं।
तांत्रिक क्रियाओं में होता है प्रयोग
विदेशों में कहा जाता है कि इसे तांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए भी प्रयोग किया जाता है। कई देशों में इसे लेकर मान्यता है कि इसके खाने से लोगों अलौकिक शक्तियां प्राप्त होती हैं। यह भी कहा जाता है कि इसे खाने से आदमी हमेशा जवान रहता है।
गुडलक से भी जोड़कर देखते हैं लोग
वहीं, भारत में सैंड बोआ नाम के इस सांप को धन के देवता कुबेर से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि इसके दर्शन से दिन शुभ होता है। विदेशों में भी कई लोग इसे गुडलक से जुड़ी मिथ की वजह से घरों में रखते हैं।
सिर्फ है अंधविश्वास
लेकिन सांपों को जानकार सैंड बोआ को लेकर जो मिथ हैं, उसे सिरे से खारिज करते हैं। उनका मानना है कि ये सारी बातें बकवास हैं। ऐसा कुछ भी इस सांप में नहीं पाया जाता है। इसी अंधविश्वास की वजह से यह सांप विलुप्त होने के कगार पर है। एक्सपर्ट का मानना है कि यह सांप सुस्त होता है और जहरीला भी नहीं होता। न ही इसे काटने से किसी की मौत होती है।
Published on:
19 Jun 2019 03:12 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
