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महज 11 साल की उम्र में मथुरा से 650 किमी पैदल चलकर यहां आए थे श्रीकृष्ण

स्कंद पुराण में उनकी सभी गतिविधियों का उल्लेख किया गया है.

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भोपाल. शुक्रवार को देशभर के साथ ही मध्यप्रदेश में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण ने प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन में ही शिक्षा ग्रहण की थी. द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में पढ़ाई की थी। उस समय उज्जैन को अवंतिका नगरी कहा जाता था। इस संबंध में स्कंद पुराण में विस्तार से जानकारी दी गई है. स्कंद पुराण के अनुसार भगवान कृष्ण ने यहां 64 कलाएं सीखीं थी। वे अपने भाई बलराम और दोस्त सुदामा के साथ बचपन में यहीं रहे थे. उज्जैन के अंकपात क्षेत्र में स्थित इस आश्रम में आज भी श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा की पढ़ाई करते हुए प्रतिमाएं हैं।

दरअसल कंस का वध करने के बाद परिस्थितियां सामान्य हुई तो श्रीकृष्ण के पिता वासुदेवजी को उनकी पढ़ाई आदि की फिक्र होने लगी। उन्हें प्रकांड विद्वान और शिव उपासक महर्षि सांदीपनि व्यास के बारे में पता चला। उसी समय उन्होंने तय कर लिया कि श्रीकृष्ण और बलराम को पढ़ाई के लिए महर्षि सांदीपनि के आश्रम ही भेजेंगे। उन्होंने श्रीकृष्ण का यज्ञोपवीत संस्कार कराया और उज्जैन के लिए भेज दिया।

स्कंद पुराण में उल्लेख किया गया है कि मथुरा से उज्जैन करीब 650 किलोमीटर दूर है। दोनों भाई श्रीकृष्ण और बलराम ने यह दूरी पैदल ही तय की। तब उनकी उम्र महज 11 साल थी। वे करीब 5266 साल पहले कंस का वध करने के बाद अपने गुरु महर्षि सांदीपनि के आश्रम आए थे. महर्षि सांदीपनि से उन्होंने 64 कलाएं सीखीं। इसके अलावा चारों वेद, शास्त्रों, विधाओं, और पुराणों का ज्ञान प्राप्त किया।

स्कंद पुराण में सांदीपनि आश्रम की उनकी सभी गतिविधियों का उल्लेख किया गया है. इसके कहा गया है कि आश्रम में रहने के दौरान श्रीकृष्ण ने अपने गुरु सांदीपनि के स्नान के लिए बाण चलाकर एक कुंड बनाया था जिसे गोमती कुंड कहा गया। गोमती कुंड में आज भी श्रीकृष्ण की चरण पादुका और अंकपाद देखे जा सकते हैं। सांदीपनि आश्रम आज भी है पर यहां अब अध्ययन नहीं होता। अब यहां सिर्फ मंदिर है।

ऐसे जा सकते हैं उज्जैन
सांदीपनि आश्रम उज्जैन में है जहां से सबसे नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर है। इंदौर एयरपोर्ट से उज्जैन 55 किमी है। इंदौर रेलवे स्टेशन से उज्जैन रेलवे स्टेशन 63 किमी दूर है। उज्जैन रेलवे स्टेशन से सांदीपनि आश्रम 4 किलोमीटर है। स्टेशन से शहर के लिए ऑटो कर सकते हैं।राजधानी भोपाल से इंदौर की नियमित उड़ानें हैं। भोपाल से उज्जैन ट्रेन और बस, टैक्सी से भी जा सकते हैं। सड़क मार्ग से भोपाल से उज्जैन की दूरी 190 किमी है।